द फॉलोअप डेस्क
बिहारियों को लेकर विवादित बयान देने वाले DMK नेता दयानिधि मारन को तेजस्वी यादव ने नसीहत दी है। कहा कि बिहार के लोग अगर दूसरे राज्यों में काम ने करें, तो वहां का जीवन अस्त-व्यस्त हो जाये। कहा कि बिहार के मजदूरों के बल पर ही तमिलनाडु, महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे राज्यों का जीवन पटरी पर दौड़ता है। कहा कि मारन को बिहारियों का सम्मान करना चाहिये। तेजस्वी ने आगे कहा कि DMK सामाजिक समानता और न्याय में भरोसा करने वाली पार्टी है। उसके सांसद की ओऱ से इस तरह का बयान आना चकित करने वाला है। कहा कि हम किसी भी तरह के ऐसे बयान की निंदा करते हैं।

हिंदी बोलनेवालों को अपमान हुआ है
तेजस्वी ने पत्रकारों से कहा कि मारन का बयान ऐसे समय में आया है, जब देश में भाषा को लेकर विवाद होते रहते हैं। जबकि देश एक है औऱ हमें एक-दूसरे का सम्मान करना सीखना चाहिये। कहा कि मारन ने अगर किसी एक विशेष जाति के बारे में बयान दिया होता तो एक अलग बात होती। क्योंकि साफ-सफाई का काम विशेष जाति के लोग ही करते हैं। लेकिन उन्होंने हिंदी बोलने वाली एक पूरी आबादी को लेकर गलत बयान दिया है। इससे पूरे देश में हिंदी बोलनेवालों को अपमान हुआ है। गौरतलब है कि DMK सांसद मारन के बयान पर बीजेपी, जदयू, राजद औऱ कांग्रेस तक ने आपत्ति दर्ज की है।

क्या कहा है DMK सांसद मारन ने
एक कार्यक्रम में मारन ने कहा, 'हिंदी बोलने वाले बिहारी टॉयलेट साफ करते हैं'। DMK सांसद दयानिधि मारन के इस बयान ने बिहार और यूपी सहित पूरे देश में सियासी पारा बढा दिया है। मारन के इस बयान से उत्तर और दक्षिण भारत के बीच भाषाई मुद्दा एक बार फिर से सुर्खियों में आता दिखाई दे रहा है। हालांकि DMK सुप्रीमो एमके स्टालिन अपने नेताओं को बार-बार ऐसे बयान देने से बचने की सलाह देते रहे हैं। इसके बाद भी मारन ने ऐसा बयान देकर हलचल मचा दिया है। इससे पहले DMK के ही सांसद सेंथिल कुमार ने संसद के शीतकालीन सत्र में उत्तर भारतीयों को लेकर विवादित बयान दिया था।
