द फॉलोअप डेस्क
केंद्र सरकार ने सहारा इंडिया के करोड़ों निवेशकों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए रिफंड पोर्टल पर आवेदन करने का एक और अवसर प्रदान किया है। यह सुविधा विशेष रूप से उन निवेशकों के लिए शुरू की गई है जिन्होंने पहले क्लेम (दावा) किया था, लेकिन दस्तावेजों की कमी या किसी तकनीकी गलती के कारण उनका रिफंड अटक गया था। अब ऐसे निवेशक अपनी गलतियों को सुधारकर पोर्टल पर दोबारा आवेदन जमा कर सकते हैं।
रिफंड प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव क्लेम की गई राशि की सीमा को लेकर किया गया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, अब रिफंड की अधिकतम राशि को बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है, जो पहले केवल 50,000 रुपये तक सीमित थी। आधिकारिक सूचना के अनुसार, 19 नवंबर 2025 से निवेशक 10 लाख रुपये तक के दावों के लिए इस नई सुविधा का लाभ उठाना शुरू कर चुके हैं। पुनः आवेदन (Re-submission) करने वाले निवेशकों को यह ध्यान रखना होगा कि वे अपने पिछले क्लेम के कम से कम 45 दिन बाद ही दोबारा आवेदन कर सकते हैं। यह प्रक्रिया उन लोगों के लिए अनिवार्य है जिनके पुराने आवेदन में बैंक विवरण, आधार नंबर या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों में त्रुटि पाई गई थी। सरकार का आश्वासन है कि सही तरीके से जमा किए गए दावों की जांच कर उन्हें 45 कार्य दिवसों के भीतर निपटा दिया जाएगा।
पूरी आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल (https://mocresubmit.crcs.gov.in/resubmission/) पर संचालित की जा रही है। आवेदन के दौरान निवेशकों को अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और बैंक खाता विवरण बिल्कुल सही भरना होगा, क्योंकि छोटी सी गलती भी रिफंड प्रक्रिया को फिर से रोक सकती है। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 011-20909044 और 011-20909045 भी जारी किए हैं। आंकड़ों की बात करें तो सहारा-सेबी (Sahara-SEBI) खातों में लगभग 26,000 करोड़ रुपये जमा हैं, जिनमें से 5,000 करोड़ रुपये को विशेष रूप से रिफंड के लिए आवंटित किया गया है। गौरतलब है कि सहारा इंडिया ग्रुप की विभिन्न कंपनियों में करीब 13 करोड़ निवेशकों के 1.12 लाख करोड़ रुपये से अधिक फंसे हुए हैं, जिन्हें वापस दिलाने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से कदम उठा रही है।
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