द फॉलोअप डेस्क
साजिद का एनकाउंटर के समय जिस दारोगा को गोली लगी, दूसरे दिन वही ड्यूटी पर पहुंच गये, बदांयू डबल मर्डर केस में पुलिस पर ये सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही बदांयू पुलिस को कुछ और सवालों का सामना करना पड़ रहा है, जिनके जवाब मिलना अभी बाकी हैं। साजिद के एनकाउंटर के बाद बदांयू पुलिस ने मीडिया को बयान दिया है कि जिस समय एनकाउंटर हो रहा था, उस समय गौरव विश्नोई घटना स्थल पर तैनात थे। साजिद ने जब फायरिंग की तो गौरव सामने आ गये और उनको दायें पांव में गोली लगी। घाय़ल गौरव को अस्पताल में एडमिट किया गया। इसके दूसरे ही दिन वो पुलिस स्टेशन मे ड्यूटी करते दिखाई पड़े। ये कैसे संभव है। बता दें गौरव सिविल लाइन थाना के इंचार्ज हैं। ये सवाल भी उठ रहा है कि साजिद के पास जब गन थी, तो उसे पकड़ने के समय उसकी तलाशी क्यों नहीं ली गयी।

मामले में उठ रहा दूसरा सवाल
इधर, एक और पुलिस से मिली एक अन्य जानकारी के मुताबिक साजिद का भाई जावेद भी वारदात के समय वहां मौजूद था। यहां तक कहा जा रहा है कि साजिद का भाई जावेद उस समय घर के दरवाजे पर इस बात की निगरानी कर रहा था कि घर की छत पर कोई औऱ न आ जाये। बच्चों की हत्या के बाद वो फरार हो गया। इस बीच पीड़ित परिवार ने बताया कि हत्यारे साजिद को उन्होंने ही पकड़कर पुलिस के हवाले किया। इस बीच जावेद कहां था, इस बात की जानकारी पुलिस को नहीं है। पुलिस को इस मामले में अपना पक्ष साफ करने की जरूरत है।

क्या है पूरा मामला
दरअसल, कल यानी मंगलवार की देर शाम सिविल लाइंस थाना इलाके में साजिद नाम के शख्स ने दो बच्चों आयुष और अहान की हत्या धारदार हथियार से कर दी। दोनों बच्चे उसकी दुकान के सामने रहने वाले विनोद सिंह के थे। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दोनों बच्चे उस वक्त छत पर खेल रहे थे। दोनों बच्चों की आयु 12 और 6 साल के बीच है। घटना से कुछ देर पहले साजिद ने बच्चों की मां से 5000 रूपये बतौर कर्ज भी लिये। साथ ही कहा कि वो छत पर जाना चाहता है क्योंकि उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही है। छत पर उसकी नजर दोनों बच्चों पर पड़ी औऱ उसने उनकी हत्या कर दी। पुलिस की इस थ्योरी पर लोग यकीन नहीं कर पा रहे हैं।

हमें फॉलो करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें -
https://chat।whatsapp।com/H6JHUZV9z0LIcfjbcYlVDn