डेस्क:
केंद्र सरकार ने बुधवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) पर 5 साल के लिए प्रतिबंध (Ban for 5 years) लगा दिया है। गृह मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर UAPA एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। ताजा जानकारी के अनुसार सरकार के इस फैसले को संगठन द्वारा स्वीकार कर लिया गया (accepted by the organization) है। साथ ही बता दें कि PFI के अलावा उनके अन्य 8 सहयोगी संगठन पर भी बैन (Ban on 8 affiliates too) लगाया गया है।

क्या बोले केरल PFI के महासचिव
अखबार में छपी एक खबर के अनुसार केरल राज्य के PFI के महासचिव अब्दुल सत्तार ने कहा कि केंद्र के इस फैसले को हम स्वीकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी PFI सदस्यों और जनता को सूचित किया जाता है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI ) को भंग कर दिया गया है। एमएचए ने PFI पर प्रतिबंध लगाने की अधिसूचना जारी की है। हमारे महान देश के कानून का पालन करने वाले नागरिकों के रूप में संगठन निर्णय को स्वीकार करता है।
PFI पर चल रही थी NIA और ED ताबड़तोड़ छापेमारी
बता दें कि 22 सितंबर और 27 सितंबर को NIA, ED और राज्यों की पुलिस ने PFI पर ताबड़तोड़ छापेमारी की थी। पहले राउंड की छापेमारी में 106 PFI से जुड़े लोग गिरफ्तार हुए थे। दूसरे राउंड की छापेमारी में 247 PFI से जुड़े लोग हिरासत में लिए गए। जांच एजेंसियों को PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले। इसके बाद जांच एजेंसियों ने गृह मंत्रालय से कार्रवाई की मांग की थी। जांच एजेंसियों की सिफारिश पर गृह मंत्रालय ने PFI पर बैन लगाने का फैसला किया है।

ये है अन्य 8 संगठन
PFI के अलावा उनके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया,ऑल इंडिया इमाम काउंसिल ,नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल विमेन फ्रंट,जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन (केरल) पर भी बैन लगाया गया है।