द फॉलोअप डेस्क
मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराने की घटना ने पूरे देश को हिला कर रख दिया। अब इस मामले में पीड़िता के पति का बयान आया है। बता दें कि जिन दो महिलाओं को धूमाया गया था। उनमें एक का पति आर्मी में सूबेदार था। उन्होंने अपना दुख बताते हुए कहा कि कारगिल युद्ध में मैने अपने देश की रक्षा की थी। लेकिन दंगाइयों से अपनी पत्नी और गांव वालों को नहीं बचा सका। उन्होंने बताया कि हजारों लोगों की भीड़ ने एक साथ गांव पर हमला कर दिया। मैं अपनी पत्नी और गांव वालों को नहीं बचा सका।

मां ने कहा- मेरा सबकुछ खत्म
उन्होंने आगे कहा कि भीड़ घंटों तक दरंदगी करती रही। लेकिन पुलिसवालों ने हमारी मदद नहीं की।घटना के बाद मेरी पत्नी ने किसी तरीके से एक गांव में जाकर पनाह ली। आज घटना के इतना दिन बाद भी वो सदमे में है। उसकी आंखों में आज भी डर, गुस्सा और खुद को नहीं बचा पाने की बेबसी देखती है। वहीं पीड़ित महिला की मां ने कहा कि उनलोगों ने मेरे बेटे की हत्या कर दी। मेरी बेटी के साथ हैवानों जैसा व्यवहार किया। मेरा सबकुछ खत्म हो गया। अब मैं उस गांव में कभी नहीं जाऊंगी।

4 मई का है वीडियो
बता दें कि 4 मई को राजधानी इंफाल से लगभग 35 किलोमीटर दूर कांगपोकपी जिले में निर्वस्त्र कर महिलाओं को धूमाया गया था। इसका वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। जिसमें कुछ लोगों को महिलाओं को खेत की ओर खींचते और उनके साथ जबरदस्ती छेड़छाड़ करते भी देखा गया थी। वीडियो वायरल होने के बाद देशभर में इसकी निंदा होने लगी। लोग लगातार कार्रवाई की मांग करने लगे। जिसके बाद पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी 21 जुलाई को कोर्ट में पेशी हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें 11 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
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