द फॉलोअप डेस्क
राज्य कैबिनेट (State Cabinet) ने तीन साल से ज़्यादा पुराने वाहनों की ओनरशिप ट्रांसफर (Ownership Transfer) पर ग्रीन सेस (Green Cess) लगाने को मंज़ूरी दी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि यह कदम पेड़ लगाने और संरक्षण की चल रही गतिविधियों को सपोर्ट (Support) करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, यह ग्रीन सेस EV, CNG वाहनों, दो-पहिया और तीन-पहिया वाहनों और वाहन मालिक की मौत के कारण ओनरशिप ट्रांसफर (Ownership Transfer) पर लागू नहीं होगा। दूसरे वाहनों के लिए, जब कोई सेकंड-हैंड वाहन (Second-Hand Vehicle) ट्रांसफर किया जाएगा, तो 3,000 रुपये का सेस (Cess) लागू होगा।

मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए खास इंसेंटिव देने को भी मंज़ूरी
कैबिनेट ने डालमिया भारत ग्रीन विज़न लिमिटेड को उनकी 10,200 करोड़ रुपये की क्लिंकर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए खास इंसेंटिव देने को भी मंज़ूरी दी। सीमेंट बनाने वाली यह बड़ी कंपनी लंका और उमरांगसू में दो यूनिट्स लगाएगी। कैबिनेट ने असम पुलिस, APRO, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस, फॉरेस्ट गार्ड और एक्साइज डिपार्टमेंट में ग्यारह कैटेगरी के पदों पर भर्ती के लिए असम के रहने वाले पूर्व-अग्निवीरों के लिए 12 प्रतिशत आरक्षण को भी मंज़ूरी दी। मधुपुर सत्र के कामकाज को सपोर्ट करने के लिए, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की पब्लिक इमरजेंसी स्कीम से हर महीने 1 लाख रुपये देने को मंज़ूरी दी है।
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ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं की दिशा में पहल
कैबिनेट ने जल जीवन मिशन और उससे जुड़े प्रोग्राम के तहत ग्रामीण जल आपूर्ति योजनाओं को लागू करने, चलाने, मॉनिटर करने और लंबे समय तक बनाए रखने के लिए असम सरकार और काउंसिल एरिया दिमा हसाओ और कार्बी आंगलोंग के बीच MoU को मंज़ूरी दी। साथ ही, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बेहतर मैनेजमेंट के लिए PWD (बिल्डिंग्स और NH) से नेशनल हाईवे वाले हिस्से को अलग करके PWD (रोड्स) में शामिल करने को भी मंज़ूरी दी। कैबिनेट ने कचारी बाज़ार से नीलाचल पहाड़ियों की तलहटी तक ब्रह्मपुत्र रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के लिए टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स लिमिटेड को काम पर रखने को भी मंज़ूरी दी।
