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"कपड़े उतरवाकर गर्म चिमटे से दागा, उल्टा लटकाकर मिर्ची का धुंआ..." अनाथालय में बच्चियों के साथ बर्बरता

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द फॉलोअप डेस्कः 
इंदौर के एक अनाथालय में बच्चियों को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। अधिकारियों ने कहा कि एक अनाथालय की कम से कम 21 लड़कियों ने केयरटेकर पर दुर्व्यवहार और अत्याचार का आरोप लगाया है। 4 से 16 साल की उम्र की बच्चियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें भयानक यातनाओं का सामना करना पड़ा, जिसमें कपड़े उतारना, लोहे के चिमटे से दागना, लाल मिर्च जलाने का धुंआ फैलाना और रेलिंग से उल्टा लटका देना शामिल था।


पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की 
जानकारी के मुताबिक, 13 जनवरी को इंदौर में वात्सल्यपुरम जैन ट्रस्ट की ओर से संचालित अनाथालय में बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की एक टीम औचक निरीक्षण के लिए पहुंची थी, जिसके बाद बच्चियों को प्रताड़ित करने का मामला सामने आया। जिसके बाद पुलिस ने चार महिला केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है और जांच शुरू की है। पुलिस ने वात्सल्यपुरम जैन ट्रस्ट के चार महिला केयरटेकर के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। 


सजा के नाम पर बच्चों से क्रूर बर्ताव के हैं आरोप
पुलिस अधिकारी के मुताबिक अनाथालय में रहने वाली लड़कियों ने बाल कल्याण समिति (CWC) को बताया कि इस परिसर में सजा के नाम पर बच्चों से क्रूर बर्ताव किया जाता था। उन्होंने कहा कि चार साल की एक बच्ची ने जब अपने कपड़े गंदे कर दिए थे, तो उसे पिटाई के बाद कई घंटों तक बाथरूम में बंद रखा गया और दो दिन तक खाना भी नहीं दिया गया। प्राथमिकी में यह आरोप भी लगाया गया कि अनाथालय में बच्चों को उल्टा लटका दिया जाता था और नीचे गर्म तवे पर लाल मिर्च रखकर धूनी जलाई जाती थी। 


बच्ची ने कपड़े गंदे कर दिए थे 
अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी में दो बच्चों को एक नाबालिग लड़की के हाथों गर्म चिमटे से जबरन दगवाए जाने और एक लड़की को अन्य बच्चों के सामने निर्वस्त्र किए जाने के बाद भट्टी के पास ले जाकर जलाने की धमकी दिए जाने के भी आरोप हैं। वहीं इंदौर की बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की अध्यक्ष पल्लवी पोरवाल ने कहा, "अनाथालय से बचाए गए बच्चे राजस्थान और गुजरात के रहने वाले हैं। ने इन राज्यों की संबद्ध बाल कल्याण समितियों को पत्र लिखकर कहा है कि वे इन बच्चों की सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि का पता लगाकर हमें रिपोर्ट सौंपें, ताकि इनका पुनर्वास किया जा सके।'' इंदौर के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अमरेंद्र सिंह ने कहा कि लड़कियों ने अपने बयानों में उत्पीड़न के विभिन्न रूपों के बारे में बताया है। इसके आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि जिन चार केयरटेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें सुजाता, सुमन, आरती और बबली शामिल है। 


क्या बोले अधिकारी?
इंदौर के एडिशनल डीसीपी (क्राइम ब्रांच) राजेश दंडोतिया ने कहा कि वात्सल्यपुरम बाल आश्रम के केयरटेकर के खिलाफ स्टाफ सदस्यों की ओर से दुर्व्यवहार और यातना के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां उन्होंने बयान दिया कि उन्हें प्रताड़ित किया गया. रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच शुरू की गई है। वहीं, मामले की जानकारी के बाद इंदौर के डीएम आशीष सिंह ने कहा कि वात्सल्यपुरम बाल आश्रम की जांच और बच्चों के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. फिलहाल, पड़ताल जारी है। उन्होंने बताया कि सभी बच्चियां अलग-अलग जिले की हैं. उन्हें उनके माता-पिता आश्रम लेकर आए थे. हमने एक व्यापक जांच शुरू की है। जांच के आधार पर और सीडब्ल्यूसी की रिपोर्ट के बाद, उचित कानूनी कार्रवाई की गई है.