द फॉलोअप डेस्क
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का चुनाव आयोग ने आचार संहिता संबंधी आदेश जारी किया है। जारी आदेश में केंद्र सरकार को चुनाव ने कहा है कि लोगों को विकसित भारत संकल्प वाला मैसेज भेजना तुरंत बंद किया जाये। बता दें कि पिछले कुछ दिनों से लोगों को व्हाट्सऐप के एक वेरिफाइड अकाउंट से लोगो को पीएम नरेंद्र मोदी का एक पत्र भेजा रहा है। इसमें पीएम मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाते दिखते हैं। साथ ही इसमें विकसित भारत संकल्प के लिए पीएम मोदी लोगों से वोट देने की वकालत करते दिखाई देते हैं। चुनाव आयोग ने इस बाबत केंद्र को सख्त लहजे में आदेश दिया है।

क्या लिखा है इस पत्र में
गौरतलब है कि 'विकसित भारत संकल्प' नाम के वेरीफाइड वॉट्सऐप अकाउंट से बड़ी संख्या में लोगों को पीएम मोदी का पत्र भेजा गया है। इसमें लिखा है, "यह पत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली भारत सरकार के विकसित भारत संपर्क केंद्र द्वारा भेजा गया है। पिछले दस सालों में भारत सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ देश के 80 करोड़ से ज्यादा नागरिकों को मिला है एवं भविष्य में भी मिलता रहेगा। विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए आपका साथ एवं आपका सुझाव बहुत महत्वपूर्ण है। अतः आपसे अनुरोध है कि योजनाओं को लेकर आपके विचार अवश्य लिखें।" बहरहाल, इस बाबत चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को निर्देश दिया है।

क्या कहा है चुनाव आयोग ने
चुनाव आयोग से आदेश मिलने के बाद MeitY ने अपनी सफाई में आयोग को बताया कि यह पत्र देश में लोगों को आदर्श आचार संहिता के लागू होने से पहले भेजे गए थे। हालांकि उनमें से कुछ मैसेजेस सिस्टम और नेटवर्क की समस्याओं के कारण लोगों को देरी से डिलीवर हुए हैं। इस उत्तर के बाद चुनाव आयोग ने MeitY से इस मामले पर तुरंत रिपोर्ट सौंपने को कहा है ताकि इस बात की पुष्टि हो सके कि तकनीकी कारणों से मैसेज देरी से डिलीवर हुए।

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