द फॉलोअप डेस्क
मुंबई के दहिसर इलाके में जन्माष्टमी से पहले दही हांडी की तैयारी के दौरान एक दुखद हादसे में 11 वर्षीय बच्चा महेश जाधव की मौत हो गई। महेश ‘गोविंदा नवतरुण मित्र मंडल’ का सदस्य था और सोमवार, 11 अगस्त को प्रैक्टिस के दौरान ऊंचाई से गिर गया। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद उसे तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस जांच में सामने आया कि प्रैक्टिस के वक्त न तो महेश ने हेलमेट पहना था, न ही हार्नेस या कोई और सुरक्षा उपकरण मौजूद था। यह लापरवाही ही हादसे की वजह बनी। कई गोविंदा पथक आज भी बिना सुरक्षा के अभ्यास करते हैं, जिससे ऐसे हादसों की आशंका बनी रहती है। पुलिस ने इस मामले में आयोजकों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया है।

दही हांडी की परंपरा और उससे जुड़ा खतरा
दही हांडी महाराष्ट्र का एक लोकप्रिय पर्व है, जिसे जन्माष्टमी पर उत्साह से मनाया जाता है। इस अवसर पर गोविंदा मंडलियां इंसानी पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर टंगी मटकी फोड़ती हैं। यह परंपरा रोमांचक जरूर है, लेकिन हर साल इस दौरान कई बच्चे और किशोर घायल हो जाते हैं, और कभी-कभी जान भी चली जाती है।
हर साल हादसे दोहराए जाते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और हार्नेस जैसी सुरक्षा व्यवस्था अनिवार्य कर दी जाए, तो इन दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है और कई मासूम जिंदगियां बच सकती हैं।

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