द फॉलोअप टीम, रांची:
सोमवार को झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र का हंगामेदार आगाज हुआ। विधानसभा भवन में नमाज अता करने के लिए कमरा आवंटित करने को लेकर बीजेपी विधायकों ने विधानसभा परिसर में जमकर हंगामा किया। बीजेपी विधायकों ने ढोल और मंजिरा के साथ वहां भजन-कीर्तन भी किया। जय श्रीराम और बजरंगबली की जय के नारे भी लगे। हंगामे के बीच विधानसभा में एक औऱ दिलचस्प नजारा दिखा। शिक्षा मंत्री जगरन्नाथ महतो विधानसभा पहुंचे।
1 साल बाद विधानसभा में आए जगरन्नाथ महतो
गौरतलब है कि शिक्षा मंत्री जगरन्नाथ महतो ने पूरे 1 साल बाद विधानसभा पहुंचे और सदन की कार्यवाही में भाग लिया। जगरन्नाथ महतो ने पिछली बार बजट सत्र-2020 में भाग लिया था। इसके बाद नवंबर महीने में जगरन्नाथ महतो को कोविड हो गया। उनका इलाज पहले रांची के मेदांता अस्पताल में किया गया और फिर चेन्नई रेफर किया गया। जगरन्नाथ महतो के फेफड़ों में संक्रमण हो गया था जिसकी वजह से उनके फेफड़ों को प्रत्यारोपण किया गया। दिसंबर 2020 से लेकर जुलाई 2021 तक जगरन्नाथ महतो चेन्नई के अस्पताल में भर्ती रहे।

बीमारी की वजह से सत्र में हिस्सा नहीं ले पाए थे मंत्री
बीमारी की वजह से जगरन्नाथ महतो विधानसभा के बजट सत्र में भी हिस्सा नहीं ले पाये थे। रांची लौटने के बाद भी कुछ दिनों तक उन्होंने स्वास्थ्य लाभ लिया। हालांकि इस बीच उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मंत्रालय का पदभार सौंपने का भी अनुरोध किया। मुख्ममंत्री ने खुद जगरन्नाथ महतो के आवास पर जाकर उनको शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा। पदभार संभालते ही जगरन्नाथ महतो पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष बनाने को मंजूरी दी।

बेरोजगारी के मुद्दे पर जगरन्नाथ महतो की चुनौतियां
गौरतलब है कि अभी 2016 जेटेट पास अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। हाई स्कूल शिक्षकों की नियुक्ति का मामला भी कोर्ट में है। जेटेट पास अभ्यर्थी नई नियमावली के मुताबिक एक और परीक्षा देने को तैयार नहीं हैं और सीधी नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। विधानसभा में सदन में भी ये मामला उठेगा। बीजेपी शिक्षा और शिक्षा में रोजगार के मसले पर सरकार को घेरेगी और शिक्षा मंत्री को इसका जवाब देना होगा। 1 साल बाद सदन में लौटे जगरन्नाथ महतो के सामने कई चुनौतियां हैं।