द फॉलोअप टीम, रांची
झारखंड में अब मानव तस्करी करना आसान नहीं होगा। सीएम हेमंत सोरेन ने एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के गठन को दी मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव के पास हो जाने के बाद AHTU का गठन होगा। AHTU अवैध मानव व्यापार की रोकथाम के लिए काम करेगा। मानव तस्करी के शिकार लोगों की रक्षा एवं उससे जुड़े मामलों की जांच और अपराध एवं अपराधियों से संबंधित पूरा ब्योरा तैयार करेगा। केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत राज्य के सभी जिलों में AHTU यानी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का गठन किया जाना है। इस सिलसिले में राजधानी रांची, खूंटी, सिमडेगा, लोहरदगा, गुमला, पलामू, चाईबासा तथा दुमका जिले में एएचटीयू थाने कार्यरत हैं। बाकी 12 जिलों में इसे खोलने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। हेमंत सोरेन के पास लातेहार, साहिबगंज, गोड्डा और गिरिडीह में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के गठन संबंधी प्रस्ताव काफी दिनों से स्वीकृति के लिए पड़ा था।
अच्छी जिंदगी देने के नाम पर झांसा
देखा जाता है कि मानव तस्कर गरीब और भोले-भाले लोगों को नौकरी और अच्छी जिंदगी का सब्जबाग दिखाकर फांसते हैं। लोगों को घर से दूर दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों में ले जाया जाता है कि और फिर बेचकर मोटी रकम वसूलकर गायब हो जाते हैं। लड़कियों को देह व्यापार में धकेल दिया जाता है, तो लड़कों को अपराध की दुनिया में।
हर साल आते हैं हजारों मामले
झारखंड में हर साल हजारों लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो रहे हैं। राज्य की सभी सरकारों ने अपने-अपने स्तर से मानव तस्करी को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन इस पर अब तक पूरी तरह से रोक नहीं लग पायी है। हाल के दिनों में भी दिल्ली से कई ऐसी लड़कियों को बचाया गया है, जिन्हें किसी न किसी बड़े आदमी के यहां बेच दिया गया था। आजाद भारत में इन लड़कियों के साथ गुलाम जैसा व्यवहार होता था।
बड़ा माना जा रहा है ये कदम
केंद्र सरकार के निर्देश पर झारखंड सरकार की इस पहल को मानव तस्करी जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने की ओर एक बड़ा कदम माना जा जा रहा है। आपको बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने विधानसभा चुनाव के दौरान मानव तस्करी के अभिशाप से झारखंड को मुक्त कराने का वादा किया था। उम्मीद की जा रही है हेमंत सरकार के इस कदम से राज्य में बेलगाम हो चुकी मानव तस्करी पर लगाम लग सकेगी और हर साल हजारों भोले-भाले लोग इसके शिकार अब नहीं बन पाएंगे।