द फॉलोअप टीम, डेस्क:
हर इंसान के कुछ ना कुछ सपने जरूर होते हैंं। फिर चाहे वह इंसान गरीब हो या अमीर। बच्चा हो या बुजुर्ग। सबके अपने-अपने सपने होते हैं। कभी-कभार सपनों के बीच अमीरी-गरीबी की भी बातें सामने आती हैं। लेकिन क्या हम सोच सकते हैं कि इस दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का भी एक सपना है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। जिसे पूरा करने का सपना वह बचपन से देखा करते थे और अब उस सपने को वह जल्द पूरा करने जा रहे हैं। जी हाँ! धरती के सबसे रईस व्यक्ति जेफ बेजोस ने जल्द अंतरिक्ष की यात्रा पर रवाना होने जा रहे हैं। वह 'ब्लू ओरिजिन' के रॉकेट से 20 जुलाई को अंतरिक्ष यात्रा पर रवाना होंगे। इस यात्रा के दौरान जेफ बेजोस कुल 11 मिनट तक ही अंतरिक्ष में रहेंगे। बेजोस के पास 190 अरब डॉलर की संपत्ति है। वह चाहे तो दुनिया के किसी भी सैर पर निकल सकते हैंं, लेकिन अपने बचपन के सपने को पूरा करने के लिए इतना बड़ा जोखिम लेने जा रहे हैं। जबकि वह जानते हैं कि अंतरिक्ष की यात्रा खतरों भरी होती है। बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का न्यू शेफर्ड कैप्सूल पूरी तरह से स्वचालित है और उसे पायलट की जरूरत नहीं है। अब तक कि 15 टेस्ट उड़ान में इस कैप्सूल को लेकर कभी कोई हादसा नहीं हुआ है। बेजोस की अंतरिक्ष की उड़ान में खतरा कम है।

एक दशक से कर रहे मेहनत
बता दें कि बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन पिछले एक दशक से अपने न्यू शेफर्ड रॉकेट पर काम कर रही है। इसके कई सफल परीक्षण किए गए हैं। बेजोस के भाई मार्क बेजोस भी उनके साथ जायेंगे। जिस रॉकेट से ये दोनों जा रहे हैं, यह पूरी तरह से ऑटोनॉमस है। अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक बेजोस यह अंतरिक्ष यात्रा जान हथेली पर रखकर यह यात्रा करेंगे। जेफ बेजोस और साथी यात्रियों के साथ अंतरिक्ष में ऊपर जाएंगे वह 11 मिनट के लिए ही अंतरिक्ष में रहेंगे। बेजोस की उड़ान धरती से करीब 100 किमी की ऊंचाई तक ही जाएगी। यह बाहरी अंतरिक्ष की शुरुआती पॉइंट है। बेजोस ने लिखा है बेजोस ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के बारे में लिखा, 'धरती को अंतरिक्ष से देखना, आपको बदल देता है, इस ग्रह से आपके रिश्ते को बदल देता है। मैं इस उड़ान में सवार होना चाहता हूं क्योंकि यह एक ऐसी चीज है, जिसे मैं हमेशा से ही अपने जीवन में करना चाहता था। यह एक रोमांच है। यह मेरे लिए बेहद अहम है।'
भारहीनता का होगा अनुभव
बेजोस का न्यू शेफर्ड रॉकेट सबऑर्बिटल फ्लाइट है। जिसमें ध्वनि की तीन गुना रफ्तार से अंतरिक्ष की ओर बढ़ेगी। यह राकेट जब तक सीधा अंतरिक्ष में जाता रहेगा जब तक कि उसका ज्यादातर ईंधन खत्म नहीं होगाा। उसके बाद चालक दल का कैप्सूल रॉकेट के सबसे ज्यादा ऊंचाई तक पहुंचने पर रॉकेट से अलग हो जाएगा और थोड़े समय के लिए अंतरिक्ष में घूमता रहेगा। उस समय चालक दल को कुछ मिनट के लिए भारहीनता का अनुभव भी होगा जो इतनी ऊंचाई पर पृथ्वी के गुरुवात्वाकर्षण के खत्म होने के कारण होता है। यह घटना होने के तुरंत बाद वहां से वापसी के लिए टीम रवाना होगी। स्पेस कैप्सूल बेजोस को लेकर धरती की ओर लौटेगी। लौटते वक़्त रॉकेट अपनी रफ्तार को कम करने के लिए पैराशूट को खोल देगा। उधर, रॉकेट अलग से उड़ान भरता रहेगा और अपने इंजन को फिर से चालू कर देगा। बेजोस के न्यू शेफर्ड रॉकेट को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर कोई आपात स्थिति आती है तो कैप्सूल बीच रास्ते में ही रॉकेट से अलग हो जाएगा और यात्री उस रॉकेट से दूर हो जाएंगे। यही नहीं कैप्सूल को इस तरह से बनाया गया है कि अगर पैराशूट नहीं खुलता है तो भी वह पृथ्वी पर सही सलामत उतर जाएगा। इसके बाद वह अपने कंप्यूटर की मदद से ठीक जगह पर लैंड कर जाएगा। ब्लू ओरिजिन का न्यू शेफर्ड कैप्सूल पूरी तरह से स्वचालित है और उसे पायलट की जरूरत नहीं है।