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झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स की गुहार, 8 हजार से ज्यादा कर्मचारी हैं बेरोजगार, मॉल खोलने की पहल कीजिए सरकार

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द फॉलोअप टीम, रांची
कोरोना के कारण मार्च महीने से बंद झारखंड के मॉल्स को खोलने की चैंबर ऑफ कॉमर्स ने हेमंत सरकार से अपील की है। शुक्रवार को चैंबर भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में रांची, धनबाद, जमशेदपुर और बोकारो के मॉल संचालकों ने कहा कि पिछले पांच महीने से मॉल बंद रहने से उनकी देनदारी लागातर बढ़ती जा रही है। आउटलेट्स के सामान खराब हो रहे हैं। 8 हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हैं। इनके और इनके परिवार के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है। अगर जल्द से जल्द मॉल्स नहीं खोले गए तो इनकी हालत और खराब हो सकती है।  

सरकार की हर शर्त होगी मंजूर
संचालकों ने कहा कि इसके लिए वो सरकार की हर शर्त मानने को तैयार हैं। जो भी गाइडलाइन होगी वो उसका अक्षरश: पालन करेंगे। मॉल में डिस्टेंसिंग का पालन भी आसानी से कराया जा सकता है। मॉल्स संचालकों ने कहा कि सरकार का जो मकसद था, वो मॉल्स को बंद कर के पूरा नहीं हो रहा है। ऐसे में जिस तरह से शर्तों के साथ बाकी प्रतिष्ठानों को खोलने की अनुमति दी गई है। मॉल्स खोलने की भी इजाजत दी जाय। इससे सरकार को भी राजस्व का फायदा होगा और मॉल्स जो बंद होने के कगार पर है, वो फिर से उठकर खड़ा हो जाएगा। 

आउटलेट्स बंद करने का दे रहे हैं अल्टीमेटम
मॉल्स संचालकों ने बताया कि मॉल के आउटलेट्स उन्हें बंद करने के नोटिस दे रहे हैं। खाली न्यूक्लियस मॉल में अभी तक 42 आउटलेट्स ने बंद करने का नोटिस दिया है। 27 लगभग अपनी दुकानें समेटने को तैयार हैं। धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर के मॉल के आउटलेट्स लॉकडाउन पीरियड का किराया नहीं देने के नोटिस दे रहे हैं।

4 से 5 करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान
संचालकों ने कहा कि प्रदेश भर के मॉल्स बंद रखने से राज्य सरकार को भी राजस्व को नुकसान हो रहा है। मॉल्स से हर महीने राज्य सरकार को औसतन 4 से 5 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है। लेकिन मॉल बंद होने से पिछले 5 महीने से सरकार को इसका नुकसान हो रहा है। मॉल संचालकों ने रांची के न्यूक्लियस मॉल का उदाहरण देकर बताया कि राज्य सरकार को सिर्फ न्यूक्लियस मॉल से 45 लाख रुपए GST मिलता है। 

मार्च महीने से बंद हैं झारखंड के मॉल्स
आपको बता दें कि झारखंड में रांची, जमशेदपुर, धनबाद और बोकारो में सैकड़ों की संख्या में मॉल्स हैं, जो कोरोना के कारण मार्च महीने से बंद है। अनलॉक होने पर राज्य सरकार ने कई चीजें खोलने की अनुमति दी लेकिन मॉल खोलने की इजाजत नहीं दी गई है। सरकार का मानना है कि मॉल में ज्यादा लोग इकट्ठा होते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि कई राज्यों की सरकार ने मॉल खोलने का आदेश दे रखा है।