द फॉलोअप टीम, रांची:
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने प्रदेश में वैक्सीनेशन कार्यक्रम में पत्रकारों को प्राथमिकता देने की बात कही है। प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि राज्य सरकार से अपील है कि प्रदेश के मीडिया कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन दिया जाए। प्रवक्ताओं ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार मीडियो कर्मियों को कोरोना वॉरियर्स मानेगी।
पत्रकारों को भी मिले कोरोना वॉरियर्स का दर्जा
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स का दर्जा देना चाहिए। उनको बीमा योजना का लाभ देना चाहिए। यदि किसी पत्रकार की मौत हो जाती है तो उनके आश्रितों को सहायता और मुआवजा देना चाहिए। प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को उम्मीद है कि सरकार जल्दी ही इस पर सकारात्मक ढंग से विचार करेगी। पत्रकारों को लाभ मिलेगा। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को पत्रकारों के लिए मुआवजा की मांग की थी।
20 लाख करोड़ में पत्रकारों के लिए क्या था
भारतीय जनता पार्टी द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता ने कहा कि यदि बीजेपी को पत्रकारों की चिंता होती तो 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज में पत्रकारों के लिए अलग से व्यवस्था की जाती। प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि कोरोना संकट काल में विदेश से मिल रही सहायता में पूरी पारदर्शिता बरती जानी चाहिए। राज्यों को समान रूप से सहायता मिलनी चाहिए। केंद्र सरकार से राज्यों को उम्मीद है।
बीजेपी ने की है पत्रकारों की अनदेखी
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर पत्रकारों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने देश की जनता से थाली और ताली बजवाई। इस अपील को जनता तक पहुंचाने का काम पत्रकारों ने किया। संकट के समय सरकार पत्रकारों को भूल चुकी है। आलोक कुमार दूबे ने कहा कि रघुवर दास औऱ केंद्र सरकार को ये पता होना चाहिए कि पत्रकारों के सहयोग के बिना महामारी पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा।
पत्रकारों को सुरक्षा की गारंटी दे समाज
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को बताना चाहिए कि उन्होंने पत्रकारों के लिए क्या किया। रघुवर दास को बयानबाजी छोड़कर गंभीरता पूर्वक केंद्र सरकार से बातचीत करनी चाहिए। ईमानदारी से पत्रकारों की समस्या का समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है जब पत्रकार अपने आप को निर्बल और असहाय महसूस कर रहे हैं। समाज की जिम्मेदारी है कि पत्रकारों को सुरक्षा की गारंटी दे। भरोसा दिलाए कि समाज उनके साथ खड़ा है।