द फॉलोअप, खेल डेस्क:
पढ़ाई में जीरो लेकिन क्रिकेट का हीरो। स्कूल में बंक मारने वाला लड़का मैदान से कभी गायब नहीं रहा। जिसे मैथ्स के फॉर्मूले भले ही याद ना रहते हों, लेकिन उसने बल्लेबाजी की तमाम बारीकी खूब सीखी है। झारखंड का ये छोरा अब टीम इंडिया का नया सितारा बन गया है। नाम है ईशान किशन। वही ईशान किशन, जिसने विजय हजारे ट्राफी के एक मुकाबले में महज 94 गेंदों में 173 रन कूट डाले। उसके बल्ले से निकली गूंज ऐसी थी कि चयनकर्ताओं ने उस मैच के चंद घंटों बाद ही भारतीय टीम के टी-ट्वेंटी स्क्वायड में उन्हें चुन लिया।
18 जुलाई 1988 को पटना में हुआ जन्म
पटना के एक मध्यमवर्गीय परिवार में जन्में और झारखंड में क्रिकेट कौशल तराशने वाले ईशान किशन का जन्म 18 जुलाई 1988 में हुआ था। ईशान किशान की इस कामयाबी पर पिता प्रणव पांडे और मां सुचित्रा सिंह काफी खुश हैं। दैनिक जागरण से बातचीत में प्रणव पांडे कहते हैं कि "ईशान का मन बचपन से ही पढ़ाई में नहीं लगता था। वो हमेशा स्कूल से गायब रहता और ज्यादा समय खेल के मैदान में बिताता।
पढ़ाई में फिसड्डी थे क्रिकेट के जीनियस
पढ़ाई में कमजोर प्रदर्शन की वजह से प्रणव को स्कूल से निकाल दिया गया जब वो 9वीं क्लास में पढ़ता था। जैसे-तैसे उसने दानापुर से दसवीं की परीक्षा पास की। इस बीच क्रिकेट के प्रति उसका जुनून बढ़ता गया। संतोष कुमार और उत्तम मजूमदार जैसे कोच ने उनका खेल निखारा। ईशान क्रिकेट में करियर बना सकें, इसके लिए बड़े भाई राज किशन ने अपना करियर कुर्बान कर दिया।
2011 में किया था झारखंड टीम का रुख
साल 2011। बिहार में क्रिकेट की स्थिति अच्छी नहीं थी। मौके की तलाश में ईशान किशन ने झारखंड का रुख कर लिया। ईशान किशन 2014 में ईस्ट जोन के टॉप स्कोरर रहे। रणजी, देवधर ट्राफी और ईरानी ट्राफी में लगातार बढ़िया प्रदर्शन करते रहे। साल 2016 में ईशान किशन को बांग्लादेश में अंडर-19 विश्व कप के लिए भारतीय टीम की कमान सौंपी गई। टीम ने खिताब तो नहीं जीता लेकिन ईशान किशन के प्रदर्शन की तारीफ हुई। जागरण अखबार से बातचीत में ईशान की मां सुचित्रा सिंह ने कहा कि "मैं छठी मैया की पूजा करती हूं। मेरा भगवान में बहुत विश्वास है। 2016 में छठ पूजा के तुरंत बाद ईशान अंडर-19 टीम का कप्तान बना। भगवान के आशीर्वाद और ईशान की मेहनत काम आई।"
कुछ ऐसा है ईशान किशन का रिकॉर्ड्स
ईशान किशन को टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। ईशान किशन झारखंड रणजी टीम के अहम सदस्य हैं। उन्होंने इंडिया ए, बी, सी सहित इंडिया ब्लू और इंडिया रेड की टीम से क्रिकेट खेला है। इंडियन प्रीमियर लीग में ईशान किशन मुंबई इंडियंस की तरफ से खेलते हैं। आखिर में एक नजर डालते हैं ईशान किशन के रिकॉर्ड्स पर। ईशान ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 44 मैचों की 75 इनिंग में 37.53 की औसत से 2 हजार 665 रन बनाए हैं। इसमें उनका हाईएस्ट स्कोर 273 रन है। लिस्ट ए मैचों में ईशान किशन ने 73 मैचों की 70 पारी में 38.56 की सत से 2 हजार 507 रन बनाए। इसमें ईशान किशन का हाईएस्ट स्कोर 173 रन है।
इसी स्कोर की धमक अभी सुनाई दे रही है। टी ट्वेंटी मुकाबले की 95 मैचों की 89 पारी में 28.57 की औसत से 2372 रन बनाए। प्रथम श्रेणी में ईशान किशन का उच्चतम स्कोर 273 रन है। टी ट्वेंटी में हाईएस्ट स्कोर 113 रन है।
टीम इंडिया में ध्रुव तारे की तरह चमकेंगे
खेलोगे कूदोगे होगे खराब। पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब। ये कहावत क्या हमेशा सच होती है। टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली केवल 9वीं पास हैं। पूर्व कप्तान एमएस धोनी जिन्होंने केवल 11वीं तक की पढ़ाई की है। क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर 10वीं पास हैं। अब इस फेहरिश्त में एक और सितारे का नाम जुड़ गया है। मुश्किल से 10वीं पास करने वाले ईशान किशन भारतीय क्रिकेट का नये सितारे हैं। उम्मीद है कि ये नया सितारा भारतीय क्रिकेट में ध्रुव तारे की तरह चमकेगा।