जामताड़ा
देश के प्रतिष्ठित रेल इंजन कारखाना, चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (CLW) की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) इन दिनों हाई अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आज चित्तरंजन गेट नंबर एक पर सुरक्षा जांच का एक प्रभावी नजारा देखने को मिला। इस दौरान आरपीएफ के जांबाज डॉग स्क्वायड सदस्य 'फीगो' (Figo) ने अपनी मुस्तैदी से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी
चित्तरंजन एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र है। इसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आरपीएफ की टीम तकनीक और मानवीय कौशल के साथ-साथ अपने प्रशिक्षित श्वान दस्ते का भी भरपूर उपयोग कर रही है। गेट नंबर एक, जो आवाजाही का मुख्य केंद्र है, वहां 'फीगो' ने अपने हैंडलर के साथ मिलकर आने-जाने वाले प्रत्येक वाहन और संदिग्ध वस्तुओं की गहनता से जांच की।
सुरक्षा की रीढ़ है 'फीगो'
आरपीएफ के इस 'फोर-लेग्ड ऑफिसर' की खासियत इसकी सूंघने की अद्भुत क्षमता है। फीगो न केवल विस्फोटक पदार्थों को पहचानने में माहिर है, बल्कि किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री या संदिग्ध गतिविधि को भांपने में इसे महारत हासिल है। ड्यूटी के दौरान उसकी एकाग्रता और अनुशासित व्यवहार ने वहां से गुजरने वाले रेलकर्मियों और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा के प्रति एक नया विश्वास पैदा किया है।
असामाजिक तत्वों में खौफ
आरपीएफ अधिकारियों का मानना है कि डॉग स्क्वायड की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था में कई गुना वृद्धि होती है। "सुरक्षा केवल इंसानी चौकसी तक सीमित नहीं है; फीगो जैसे प्रशिक्षित डॉग्स हमारी टीम की रीढ़ हैं। इनकी मौजूदगी मात्र से असामाजिक तत्वों में भय व्याप्त रहता है और हम किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोकने में सक्षम होते हैं।" जामताड़ा और चित्तरंजन के सीमावर्ती इलाकों में आरपीएफ की इस सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्र की संपत्ति और नागरिकों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 'फीगो' जैसे वफादार और जांबाज सदस्यों के रहते, चित्तरंजन की सुरक्षा दीवार को तोड़ पाना नामुमकिन है।