गुमला
गुमला सदर अस्पताल की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की मौजूदा व्यवस्था पर संतोष जताया, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के निर्देश दिए. उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ है, जहां गुमला ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं. ऐसे में अस्पताल कर्मियों को पूरी ईमानदारी और व्यवहार कुशलता के साथ काम करना चाहिए, ताकि विशेषकर अशिक्षित मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो.
सिविल सर्जन को 24 घंटे मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश
उन्होंने प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को बेहतर सुविधा देने, अस्पताल में बेड और कपड़ों की संख्या बढ़ाने तथा नवजात शिशुओं के लिए विशेष वार्ड को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने का निर्देश दिया. साथ ही, एंबुलेंस सेवा को और मजबूत बनाने को कहा, ताकि रेफर किए जाने वाले मरीजों को रांची ले जाने में कोई दिक्कत न हो. उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ. शंभू लाल चौधरी और उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर को 24 घंटे मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था पर संतोष जताते हुए इसमें और सुधार करने को कहा.
लापरवाही रोकने के लिए विशेष सतर्कता हो: DC
उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी जरूरी जांच और 24 घंटे दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित है, जिससे मरीजों को राहत मिल रही है. हालांकि, उन्होंने मीडिया में सामने आने वाली लापरवाही की घटनाओं को दोहराने से रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. उपायुक्त ने कहा कि सदर अस्पताल पर जिले की लगभग 80 प्रतिशत आबादी निर्भर है, इसलिए यहां की व्यवस्था बेहतर रखना प्रशासन की प्राथमिकता है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत न पड़े.
