महाराष्ट्र
पुणे जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना जहां द्वितीय स्थान में आने पर एक पिता ने अपनी ही 9 वर्षीय बेटी की गर्दन काट कर हत्या कर दी गई। आरोपी ने न केवल बच्ची का गला रेता, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए उसके शव को आग के हवाले भी कर दिया। यह खौफनाक वारदात रविवार, 3 मई को दौंड तालुका के देउलगांव राजे गांव में हुई। पुलिस के अनुसार, मृतक बच्ची अनामिका तीसरी कक्षा में पढ़ती थी और उसका भाई संस्कार चौथी कक्षा में था। इस साल अनामिका की क्लास में सेकंड रैंक आई थी, जबकि उसके भाई ने पहला स्थान हासिल किया था। भाई द्वारा चिढ़ाए जाने से परेशान होकर अनामिका ने कथित तौर पर दोनों की मार्कशीट में बदलाव कर दिए और खुद को पहले स्थान पर दिखा दिया। जब इस बात का पता उसके पिता शांताराम चव्हाण (33) को चला, तो वह आगबबूला हो गया। गुस्से में आकर उसने लकड़ी काटने वाले कटर से अनामिका की गर्दन पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।.jpeg)
साक्ष्य मिटाने के लिए घर में लगाई आग
हत्या के बाद आरोपी पिता ने अपराध छुपाने के लिए खौफनाक साजिश रची। उसने बच्ची के शव को कपड़े में लपेटा और घर में आग लगा दी। इसके बाद उसने शोर मचाया कि घर में आग लग गई है और उसकी बेटी अंदर फंसी हुई है। हालांकि, पुलिस की जांच में आरोपी का झूठ पकड़ा गया और पता चला कि आग खुद शांताराम ने ही लगाई थी।

पत्नी भी हिरासत में
पुलिस ने घटनास्थल से बच्ची का आंशिक रूप से जला हुआ शव बरामद कर लिया है, जिसे डीएनए टेस्ट के लिए पुणे के ससून जनरल अस्पताल भेजा गया है। सीनियर पीआई गोपाल पवार ने बताया कि आरोपी पिता के साथ उसकी पत्नी को भी हिरासत में लिया गया है, क्योंकि घटना की जानकारी होने के बावजूद उसने पुलिस को सूचित नहीं किया था।