आज से शुरू हुए असम विधानसभा सत्र में कई नेताओं ने स्थानीय भाषा में शपथ ग्रहण किया और चाय बागान में काम करने वाले लाखों श्रमिकों का आभार व्यक्त किया।
असम कैबिनेट ने 'असम राज्य डेटा नीति (ASDP), 2026' को मंज़ूरी दे दी है। इस नीति का मकसद पूरे राज्य में शासन को मज़बूत करना और सेवाओं की डिलीवरी को बेहतर बनाना है।
विभाग ने कहा, इंसान और हाथी के बीच संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि अगर सरकार मुख्यमंत्री के वादे के मुताबिक 5 लाख बीघा जंगल की ज़मीन से कब्ज़ा हटाने वालों को हटा दे, तो यह समस्या कम हो जाएगी।
CM हिमंता बिस्वा सरमा ने आज जागीरोड में टाटा सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट का जायज़ा लिया और काम में तेजी लाने के निर्देश दिये।
राजधानी रांची के कोकर इलाके से 9 मई को गायब हुई 18 माह की मासूम अदिति पांडेय की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर बुधवार को सदर थाना के समक्ष JLKM ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी ने सदर थाना प्रभारी कुलदीप कुमार के द्वारा एसएसपी राकेश रंजन के नाम
धनबाद के लोयाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसजोड़ा में बुधवार को आजसू नेताओं की बैठक के दौरान अचानक हुए हमले से इलाके में सनसनी फैल गई।
असम सरकार ने पश्चिम एशिया में चल रहे ईंधन संकट के बीच खर्च घटाने वाले उपाय लागू किए हैं। इनमें ईंधन खर्च में 20% की कटौती और मंत्रियों के काफिलों का आकार छोटा करना शामिल है।
यह कदम प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, पेंशन और लोक शिकायत विभाग द्वारा जारी एक नए नोटिफिकेशन के बाद उठाया गया है।
देशभर में आज ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों की हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है।
असम प्रीमियर लीग का आयोजन अगस्त में होगा और इसमें क्रिकेट प्लेयर्स और फ़्रैंचाइज़ी को बड़ा प्लेटफार्म मिलने की संभावना है। प्रीमियर लीग (APL) के पहले सीज़न की तैयारियां ज़ोरों पर हैं।
AIIMS देवघर में न्यूरोसर्जरी वार्ड का आज उद्घाटन हुआ. इससे संथाल परगना समेत पूरे झारखंड और आसपास के राज्यों के लोगों को उन्नत न्यूरोसर्जरी उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. नए न्यूरोसर्जरी वार्ड का उद्घाटन संस्थान के निदेशक
पड़ोसी राज्य में हाल ही में लागू हुए सख़्त इनर लाइन परमिट (ILP) नियमों और इन नए नियमों के ख़िलाफ़ चल रहे “ST बचाओ आंदोलन” के विरोध प्रदर्शनों के चलते, काम के लिए अरुणाचल प्रदेश जा रहे असम के मज़दूरों में अफ़रा-तफ़री और अनिश्चितता का माहौल है।