आशिषण कुंडलना रांची चर्च में पहली महिला पुरोहित बन कर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। महिला पादरी बनने की चाह में उनको रूढ़िवादी परंपरा को भी चुनौती देना पड़ा तब जाकर वो इस मुकाम तक पहुंच पाई।