झारखंड हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में स्पष्ट कर दिया है कि पदोन्नति जैसे महत्वपूर्ण मामलों में केवल सार्वजनिक विज्ञापन देना पर्याप्त नहीं है। अदालत ने कहा कि विभागों की जिम्मेदारी है कि वे अपने कर्मचारियों को सीधे तौर पर सूचित करें। यह फैसला प्रशासनिक व्यवस
झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन और अपर महाधिवक्ता सचिन कुमार पर आपराधिक अवमानना मामला के सुनवाई आज हाईकोर्ट में हुई। हाईकोर्ट ने इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लिया।