द फॉलोअप डेस्क
बिहार की स्कूली शिक्षा में आगामी शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं और 11वीं कक्षा के लगभग 25 लाख छात्र-छात्राओं को अब रोजगार से जुड़ी शिक्षा का लाभ मिलेगा। इन बच्चों को हर शनिवार को अपनी कक्षा के बजाय नजदीकी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में भेजा जाएगा। यहां वे विभिन्न शैक्षिक पाठ्यक्रमों के अलावा प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। ये पाठ्यक्रम BSDM द्वारा डिजाइन किए गए होंगे। इसमें फीटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिकल, प्लंबर जैसे व्यावसायिक ट्रेड्स शामिल होंगे। इस प्रशिक्षण में बच्चों को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल भी कराया जाएगा।
अप्रैल से शुरू होगी पहल
बताया जा रहा है कि इस पहल की शुरुआत अप्रैल से होने जा रही है। इसके लिए शिक्षा विभाग और श्रम संसाधन विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों को भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। यह कार्यक्रम सरकारी हाईस्कूलों को निकटवर्ती सरकारी ITI से जोड़कर शुरू किया जाएगा। इसकी खास बात यह है कि इससे केवल उन निजी ITI को ही संबद्ध किया जाएगा, जो आधारभूत संरचना और प्रशिक्षकों की संख्या के मामले में अच्छे ग्रेड वाले होंगे।
बिहार बनेगा देश का पहला राज्य
जानकारी हो कि यह पहल बिहार को देश का पहला राज्य बनाएगी, जहां स्कूली शिक्षा के साथ-साथ ITI से संबद्ध कर बच्चों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था लागू की जाएगी। अन्य राज्यों में विभिन्न प्रकार के व्यावसायिक पाठ्यक्रम तो होते हैं, लेकिन बच्चों को ITI में भेजने की यह विशेष व्यवस्था कहीं और नहीं है।
श्रम संसाधन विभाग के सचिव ने क्या बताया
इस संबंध में श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद ने बताया कि उक्त कार्यक्रम से बच्चों में रोजगारपरक शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ेगी। यह उनके भविष्य में रोजगार के अवसरों को आसान बनाएगी। दीपक आनंद ने कहा कि राज्य में वर्तमान में 151 सरकारी और 1285 निजी ITI हैं। इनमें से अच्छे ग्रेड वाले 700-800 संस्थान ही इस कार्यक्रम के लिए चयनित होंगे। ITI में प्रशिक्षण देने के लिए यदि शिक्षकों की कमी होगी, तो संस्थानों को अतिथि अनुदेशकों की नियुक्ति की अनुमति भी दी जाएगी। यह पहल बिहार में शिक्षा और रोजगार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होने वाली है। यह छात्रों को अपनी शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल प्राप्त करने में मदद करेगी।
