द फॉलोअप डेस्क
अब बिहार में जातियों की पहचान नंबर से की जाएगी। इसे लेकर कोड तय किया गया है। लेकिन अब इस कोड में संसोधन किया है। जानकारी के अनुसार जारी लिस्ट में बदलाव किया गया है। लिस्ट से अगरिया, खड़िया और मारवाड़ी को बाहर कर दिया है। वहीं, विरजिया और सेखड़ा को जोड़ दिया है। इसके साथ ही जातियों के कोड में भी बदलाव किए गए हैं। कायस्थ को 21, कुर्मी-24, कोईरी-26, रविदास-60, ब्राह्मण-126, भूमिहार-142, यादव-165, राजपूत-169, शेख-181 कोड से जाने जाएंगे। वहीं सामान्य प्रशासन विभाग ने ऑनलाइन मोबाइल एप में 214 जातियों के लिए कोड जारी किया है। बता दें कि 15 अप्रैल से जाति जनगणना की दूसरा फेज शुरू होने जा रहा है।

कोड 206 कोड में भी सुधार
आपको बताते चलें कि, जातीय जनगणना को लेकर जारी कोड 206 कोड में भी सुधार किया गया। इसमें दर्जी (हिंदू) उपनाम श्रीवास्तव/ लाला /लाल /दर्जी दर्ज था, जिसे हटाकर सिर्फ दर्जी (हिंदू) कर दिया गया है। जाति आधारित गणना के ऑनलाइन एप में कायस्थ को 21, कुर्मी-24, कोईरी-26, रविदास-60, ब्राह्मण-126, भूमिहार-142, यादव-165, राजपूत-169, शेख-181 कोड मिला है।

एप या पोर्टल से होगी निगरानी
राजधानी पटना में 12 हजार 831 गणना कर्मियों को 15 अप्रैल से 15 मई तक 73 लाख 52 हजार 729 लोगों की गणना करनी है। एक व्यक्ति की गणना एक ही स्थान से होगी। यदि कोई व्यक्ति कहीं और भी रहता है तो उससे पूछकर एक जगह से गणना की जाएगी। यदि कोई दोहराव होगा तो एप या पोर्टल उसे पकड़ लेगा। इस तरह से दोहरी प्रविष्टि की संभावना पूरी तरह खत्म हो जाएगी। इसके अलावा पांच स्तरों पर डाटा की जांच भी की जाएगी।
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