द फॉलोअप डेस्क:
जदयू (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा (Umesh Kushwaha) सोमवार को बिहार विधानसभा पहुंचे और अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार (Prem Kumar) को मोकामा (Mokama) विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) की सदस्यता समाप्त करने की अनुशंसा वाला पत्र सौंपा। पार्टी ने अपनी मांग के समर्थन में करीब 10 पन्नों के दस्तावेजी सबूत और वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं। इस कदम के बाद अनंत सिंह की विधायकी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अब विधानसभा अध्यक्ष की ओर से होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।

छह साल के लिए पार्टी से बाहर, अब विधायकी खत्म करने की मांग
अनंत सिंह को जदयू पहले ही छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर चुका है। यह कार्रवाई विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने के आरोपों के बाद की गई थी। आरोप है कि अनंत सिंह ने जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ प्रचार किया और जन सुराज समर्थित प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन किया। पार्टी से निष्कासन के बाद अब जदयू ने उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग उठाई है। इसके लिए पार्टी नेतृत्व ने दस्तावेजों और वीडियो को आधार बनाया है।

प्रेम कुमार करेंगे दस्तावेजों की समीक्षा, फिर तय होगा अगला कदम
इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने पहले कहा था कि अनंत सिंह के निष्कासन की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिली थी, लेकिन विधानसभा कार्यालय को आधिकारिक पत्र नहीं मिला था। उन्होंने स्पष्ट किया था कि पत्र प्राप्त होने के बाद उसकी समीक्षा की जाएगी और नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। अब उमेश कुशवाहा की ओर से अनुशंसा पत्र और संबंधित दस्तावेज सौंपे जाने के बाद मामले में औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। हालांकि, अनंत सिंह की सदस्यता पर अंतिम फैसला विधानसभा अध्यक्ष की समीक्षा और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।