रांची
प्रदेश राजद प्रवक्ता (RJD State Spokesperson) कैलाश यादव (Kailash Yadav) ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष (BJP National President) नितिन नबीन (Nitin Nabin) से सवाल पूछते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी (BJP) OBC विरोधी पार्टी (Anti OBC Party) है। केंद्र की मोदी सरकार (Modi Government) और संगठन के लोग झूठे वादे कर बहुसंख्यक आबादी (Majority Population) को धोखा देने का काम कर रहे हैं। कहा कि भारत की 2027 की राष्ट्रीय जनगणना (National Census) प्रश्नावली (Questionnaire) में OBC के लिए अलग से कोई भी ड्रॉपडाउन कॉलम (Dropdown Column) नहीं रखा गया है। जबकि नियमानुसार ईमानदारी से SC/ST की तरह OBC के लिए चेकबॉक्स कॉलम (Checkbox Column) रखा जाना चाहिए था। इस पर चर्चा भाजपा कार्यसमिति की बैठक (BJP Working Committee Meeting) में नहीं हुई। विदित है कि विगत दिनों बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन की मौजूदगी में राजधानी रांची में प्रदेश भाजपा कार्यसमिति की बैठक संपन्न हुई।

बीजेपी की कार्यसमिति में सिर्फ आदिवासी वोट बैंक साधने पर चर्चा
यादव ने भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से सवाल उठाते हुए कहा कि बीजेपी की कार्यसमिति में सिर्फ आदिवासी वोट बैंक साधने तथा सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करने की बातें कही गईं, लेकिन बेहद अफसोस की बात है कि देश की सबसे बड़ी आबादी OBC के लिए कोई ठोस चर्चा नहीं हुई। जबकि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास खुद OBC समाज से हैं, इसलिए बात बनाने के बजाय जवाबदेही तय बनती है। यादव ने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार बड़ी चालाकी से राष्ट्रीय जनगणना प्रश्नावली में OBC को जाति और वर्ग में बांटने का काम कर रही है, जिसमें शैक्षणिक और सामाजिक आधार पर असंवैधानिक वर्गीकरण किया गया है, जो सरासर अनुचित निर्णय है। यादव ने कहा कि राजद की ओर से मोदी सरकार को सुझाव के तौर पर स्पष्ट मांग है कि OBC कॉलम नहीं रहने से भाषा, स्पेलिंग और उपनाम अलग लिखवाया जा सकता है, जिससे डेटा में गड़बड़ी की आशंका निश्चित है। जिस कारण बहुसंख्यक OBC आबादी का पता लगाना असंभव हो जाएगा।
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सीधे अपनी जाति चुनने का मिले विकल्प
राजद नेता, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने विगत वर्ष सुझाव साझा कर कहा था कि घरेलू सर्वे मॉडल की तरह एक ड्रॉपडाउन में जातियों की सूची दी जानी चाहिए, ताकि लोग सीधे अपनी जाति चुन सकें। गौरतलब है कि अगर अलग से OBC कॉलम नहीं होगा, तो डेटा में गड़बड़ी निश्चित होगी, जिससे इस वर्ग को शैक्षणिक संस्थानों एवं नौकरियों में आरक्षण का मिलने वाला लाभ नहीं मिल पाएगा और सामाजिक विकास में भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यादव ने बीजेपी के OBC नेताओं को सुझाव दिया है कि संगठन के शीर्ष नेता एक विशिष्ट प्रतिनिधिमंडल बनाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर OBC कॉलम जुड़वाने का काम करें। अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो OBC का नाम लेना बंद करें और विरोध प्रदर्शन के साथ आलोचना सुनने का काम करें। राजद इन विषयों को लेकर जल्द आंदोलन करने की घोषणा करेगी।
