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प्रकाशन से पहले शेयर हो गया था 14वीं JPSC PT परीक्षा का रिजल्ट, व्हाट्सएप पर भेजी थी सफल अभ्यर्थियों की लिस्ट

प्रकाशन से पहले शेयर हो गया था 14वीं JPSC PT परीक्षा का रिजल्ट, व्हाट्सएप पर भेजी थी सफल अभ्यर्थियों की लिस्ट

द फॉलोअप डेस्क, रांची:

Jharkhand News: 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा (14th JPSC PT Examination) के सफल अभ्यर्थियों की सूची इसका रिजल्ट जारी किए जाने से पहले ही व्हाट्सएप पर शेयर की जा चुकी थी। सीआईडी (CID) द्वारा विशेष अदालत में दाखिल चार्जशीटमें इस बात का खुलासा किया गया है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट प्रकाशित होने से पहले ही तात्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता (Shweta Gupta) ने सफल अभ्यर्थियों की सूची परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी उस्मान (Usman) के साथ व्हाट्सएप पर साझा की थी।

सीआईडी ने कोर्ट में बकायदा इस तथ्य का सबूत भी पेश किया है। गौरतलब है कि सीआईडी 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा मामले में कथित अनियमितता, पेपर लीक और ओएमआर शीट में हेराफेरी की जांच कर रही है। 

श्वेता गुप्ता और उस्मान के बीच व्हाट्सएप चैट
जेपीएससी की तात्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा संचालन एजेंसी के कर्मचारी उस्मान के बीच व्हाट्सएप चैट के विश्लेषण से यह पता चला है कि दोनों के बीच 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी साझा की जाती थी। यह बहुत गोपनीय जानकारियां थीं। गौरतलब है कि श्वेता गुप्ता और उस्मान के बपीच दूसरे राज्यों के सफल अभ्यर्थियों सहित कुल 267 चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी साझा की गई थी। इनमें बिहार के सबसे ज्यादा 146, यूपी के 82 और हरियाणा के 14 अभ्यर्थियों का नाम शामिल था।

सीआईडी ने कोर्ट को यह जानकारी दी है कि परीक्षा का परिणाम लीक करने वाले इस नेटवर्क के विषय़ में और जानकारियां जुटाई जा रही है। तात्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता और उस्मान के बीच 14वीं जेपीएससी परीक्षा से जुड़े क्वेश्चन-आंसर भी शेयर किए गये थे।

ओएमआर शीट के पूनर्मूल्यांकन, अभ्यर्थियों के क्रमांक और पास होने वाले अभ्यर्थियों की कोटिवार-श्रेणीवार संख्या भी साझा की गई थी। 

एल ख्यांगते के कार्यकाल में बरती गई अनियमितता
सीआईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि एल ख्यांगते ने जब से झारखंड लोक सेवा आयोग के चेयरमैन के रूप में पदभार संभाला, तभी सभी नियमों को ताक पर रख दिया गया था। सीआईडी की चार्जशीट में जेपीएससी के मौजूदा सचिव के निजी सहायक अरुण कुमार का बयान भी संलग्न है। अरुण कुमार के मुताबिक एल ख्यांगते के कार्यकाल में जेपीएससी में नियमों को ताक पर रख दिया गया था। परीक्षाओं के संचालन में भारी अनियमितता बरती जा रही थी।

इसमें तात्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता तात्कालीन चेयरमैन के प्रत्येक गुनाह की बराबर की भागीदार थी। जेपीएससी के गोपनीय शाखा के निजी सहायकग सोनू कुमार को भी गड़बड़ियों की पूरी जानकारी थी। 

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