logo

पुलिस से हुई बहस के बाद दुकानदार ने खुद को किया आग के हवाले, अतिक्रमण हटाने पहुंची थी रेलवे प्रशासन

aag_me_jala.jpg

द फॉलोअप डेस्क
बिहार में इन दिनों अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा है। इसी कड़ी में गुलजारबाग रेलवे स्टेशन से पूरब मेहंदीगंज गुमटी के पास रेलवे की अतिक्रमित जमीन खाली कराने का काम कर रही था। इसी दौरान एक दुकानदार के जिंदा जलने का मामले सामने आया है। जानकारी के अनुसार दुकानदार 90% तक जल गया। जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया था। दिल्ली ले जाने के क्रम में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से इलाके में बवाल मच गया है। 

ये भी पढें: निशिकांत दुबे को हाईकोर्ट से झटका, जिला प्रशासन के आदेश को ठहराया सही


अनिल कुमार धू-धू कर जलते दुकान से बाहर निकला
मामला गुरुवार का है। गुलजारबाग रेलवे की अतिक्रमित जमीन खाली कराने टीम के पहुंचते ही बवाल हो गया। टीम एक हार्डवेयर दुकान में घुसी ही थी कि दुकानदार ओमप्रकाश साह का 36 साल का बेटा अनिल कुमार धू-धू कर जलते बाहर निकला। उसे जलता देख उसके भाई अजीत, आदित्य समेत कई लोग आगे आए। आग बुझाने के क्रम में अजीत, आदित्य और चाय दुकानदार कन्हैया और एक जीआरपी का जवान के भी घायल होने की सूचना है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया आरोप
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर आग लगाने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुलिसवालों ने थिनर डालकर उनके बच्चे को आग के हवाले कर दिया। जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि  घटना का जो वीडियो सामने आया है उसमें दिख रहा है कि उसने खुद अपने ऊपर थिनर डाल कर आग लगा ली। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दुकानदार को तीन बार नोटिस दिया गया था कि जगह को खाली कर दें। लेकिन उसके कानों में जू तक नहीं रेंगी। मजबूरन हमें अभियान चलाना पड़ा। 


लोगों का गुस्सा भड़का
अनिल के आग से झुलसते ही स्थानीय लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और टीम पर पथराव कर दिया। पुलिस ने लाठी भांजने का प्रयास किया तो लोगों का गुस्सा और भड़क गया। पुलिस टीम को जान बचाकर भागना पड़ा।डीएम डॉ.चंद्रशेखर सिंह ने पूरी घटना की पटना सिटी के एसडीओ और एसडीओपी से जांच रिपोर्ट मांगी है। वे भी घटनास्थल पर गए थे। इधर, आलमगंज थाना में जीआरपी और पीड़ित परिजनों ने एक-दूसरे के खिलाफ में केस दर्ज कर दिया है।


यह है पूरा मामला
इस मामले में लोगों का कहना है कि जिस जमीन पर ये सारी दुकाने हैं उस जमीन को रेलवे अपनी जमीन बताकर अतिक्रमण हटाने के लिए जबरदस्ती कर रही है। दुकानदारों का कहना है कि मामला कोर्ट में लंबित है। लेकिन गुरुवार को गुलजारबाग आरपीएफ और जीआरपी के जवान वहां पहुंच गए और उन दुकानों को अवैध कह कर अतिक्रमण के नाम पर उन्हें खाली कराने लगी। पूर्व से चल रहे इस विवाद के कारण दुकानदार सुबह से ही वहां धरने पर बैठे हुए थे। दोनों तरफ से बातचीत शुरू हुई लेकिन बातचीत धीरे धीरे बहस में बदलने लगा और मामला उग्र हो गया। फिर देखते ही देखते दोनों तरफ से झड़प शुरू हो गई। इसी बीच दुकानदार अनिल कुमार ने खुद को आग लगा लिया। आग लगते ही वहां अफरातफरी का माहौल हो गया।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें: https://chat.whatsapp.com/EUEWO6nPYbgCd9cmfjHjxT