बांका
बिहार के बांका जिले के जयपुर में आज हूल उलगुलान दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, "वीर सिदो-कान्हू के नेतृत्व में आदिवासी समाज द्वारा किया गया ऐतिहासिक हूल क्रांति आंदोलन हम सबको अन्याय के खिलाफ संघर्ष और स्वाभिमान की प्रेरणा देता रहेगा।"

उधर, झारखंड के साहेबगंज स्थित भोगनाडीह में हूल दिवस आयोजन को लेकर उपजे विवाद के बीच रविवार को जिला प्रशासन ने आखिरकार कार्यक्रम की अनुमति दे दी है। सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू ने बताया कि शनिवार देर रात एसडीपीओ और अनुमंडल पदाधिकारी से बातचीत के बाद हिरासत में लिये गये लोगों को रिहा कर दिया गया। प्रशासन ने आयोजकों से आज के दिनांक में नया आवेदन मांगा था, जिसके आधार पर अनुमति प्रदान की गई। बता दें कि यह कार्यक्रम 30 जून को भोगनाडीह स्थित सिदो-कान्हू मुर्मू स्टेडियम में प्रस्तावित है।

बीते कुछ दिनों से आयोजन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। जिला प्रशासन ने पहले कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी थी, जिस पर पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने झामुमो-कांग्रेस सरकार पर आयोजन को विफल करने का आरोप लगाया था। चंपाई सोरेन ने कहा था, "हर साल 30 जून को भोगनाडीह में वीर सिदो-कान्हू की स्मृति में हूल दिवस मनाया जाता है, लेकिन इस बार राज्य सरकार ने न सिर्फ अनुमति नहीं दी, बल्कि रात डेढ़ बजे पंडाल लगा रहे मजदूरों को हिरासत में ले लिया।" उन्होंने इसे "सिर्फ एक आयोजन को रोकने की कोशिश नहीं, बल्कि सिदो-कान्हू जैसे शहीदों का अपमान" बताया और कहा कि इस रवैये के खिलाफ राज्यभर में विरोध हो रहा है।
