मधुबन, गिरिडीह
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मरांग बुरु मांझीथान, मधुबन में ताला लगाने पर विरोध जताया है। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए जल्द इसे खोलने की मांग की है। मरांडी ने सोशल मीडिया पर जारी एक पोस्ट में कहा है, आज सुबह देवों के देव मरांग बुरु दिसम मांझीथान में पूजा-अर्चना हेतु पहुंचा, लेकिन यह देखकर मन अत्यंत आक्रोश और पीड़ा से भर गया कि मांझीथान का द्वार बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इसकी चाभी प्रखंड विकास पदाधिकारी के पास रखी गई है। यह केवल एक ताला नहीं, बल्कि संताल समाज की आस्था, परंपरा और धार्मिक अधिकारों पर प्रशासनिक हस्तक्षेप का प्रतीक है। कहा, आखिर किस अधिकार से एक सरकारी पदाधिकारी आदिवासी संताल समाज के आराध्य स्थल को अपनी निगरानी में रख सकता है?

खुद ताला खुलवाने की पहल करेंगे
मरांडी ने सीएम हेमंत सोरेन को संबंधित करते हुए कहा, किस परिस्थिति में यह निर्णय लिया गया, बताने का कष्ट करें? यदि आदिवासी समाज के धार्मिक स्थलों पर भी प्रशासन कब्जा जमाने लगेगा, तो फिर आदिवासियों की परंपराओं और अधिकारों की रक्षा कौन करेगा? मरांडी ने आगे कहा, मैं स्पष्ट चेतावनी देता हूं कि मरांग बुरु दिसम मांझीथान में नियमित पूजा-अर्चना, उचित रखरखाव तथा परंपरा अनुसार नायके की नियुक्ति तत्काल सुनिश्चित की जाए। अन्यथा मैं स्वयं संताल समाज के लोगों को संगठित कर वहां का ताला खुलवाऊंगा। मधुबन प्रवास के दौरान मरांडी ने आज ही पारसनाथ गुनायतन में परम पूज्य मुनि 08 प्रमाणसागर जी का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
