द फॉलोअप डेस्क
बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानि टीआरई-4 के पहले STET की मांग को लेकर पटना में शिक्षक अभ्यर्थी फिर से सड़कों पर उतर आयें हैं। शिक्षक अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन 15 दिन अंदर ही दूसरी बार देखा जा रहा है। राज्य के अलग-अलग जिलों से जुटे शिक्षक अभ्यर्थी प्रदर्शन कर कर रहे हैं। उनकी ये मांगें हैं कि टीआरई-4 से पहले हर हाल में STET की परीक्षा लेनी होगी। ताकि बेरोजगारों को इस भर्ती में अवसर मिल सके। लेकिन पटना कॉलेज से निकले इस जुलुस को पुलिस ने डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग करके रोक दिया और हल्के बल प्रयोग के साथ उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया। वहीं पिछले बार के प्रदर्शन में पुलिस ने उन पर लाठी चार्ज कर दिया था। .jpeg)
बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा-4 का ऐलान कर दिया है। और इसमें कहा गया है कि इसके बाद 2026 में STET की परीक्षा आयोजित की जाएगी और शिक्षक भर्ती के अगले चरण का कार्य पूरा किया जाएगा। लेकिन अब नीतीश कुमार ये दांव उल्टा पड़ता दिख रहा है। अभ्यर्थी सडकों पर उतर आये हैं और अडिग हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार के इस फैसले से उन्हें नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से साल में दो बार STET एग्जाम होने की बात कही गई थी, लेकिन करीब डेढ़ सालों से एक भी परीक्षा नहीं ली गई है। उन्होंने कहा है कि यदि सरकार कोई कदम नहीं उठाया तो आने वाले चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 
हालांकि सरकार ने भी साफ़ कर दिया है कि टीआरई-4 के बाद ही STET का आयोजन किया जायेगा। दस दिन पहले जब छात्र प्रदर्शन के लिए उतरे थे तब सरकार ने आश्वासन दिया था, लकिन इस बीच कोई पहल नहीं किया गया और अभ्यर्थी फिर सड़क पर उतर आये हैं। वहीं प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही छात्रा ने कहा कि अगर STET की परीक्षा कराना संभव नहीं है तो वोट देना भी संभव नहीं है। जितने भी अभ्यर्थी सड़क पर हैं, उनकी मांगों को सरकार नरजअंदाज नहीं कर सकती। सरकार कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही है और अपने वायदे भी मुकर रही है। 
इसी बीच पुलिस तैनाती कर दी गई है ताकि कोई हिंसा न भड़के और छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन करे। छात्र सचिवालय की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन डाकबंगला पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोकने में लगी हुई है।