logo

बिहार बजट 2026 : अब तक का सबसे बड़ा बजट, विकास को नई रफ्तार; विकसित राज्य के लक्ष्य के साथ सरकार का रोडमैप पेश

byaday11.jpg

पटना
बिहार के वित्त मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। 3.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यह बजट बिहार के इतिहास का सबसे बड़ा बजट बताया जा रहा है। सरकार ने इसे “विकसित बिहार” की ओर निर्णायक कदम बताते हुए कहा कि यह बजट हर वर्ग को साथ लेकर चलने और जीवन को आसान बनाने पर केंद्रित है। बजट की बड़ी तस्वीर को 10 अहम बिंदुओं में समझा जा सकता है।


1. रिकॉर्ड बजट का ऐलान

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल बजट 3,47,589.76 करोड़ रुपये तय किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 30 हजार करोड़ रुपये अधिक है। यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है।
2. तेज आर्थिक विकास का अनुमान
सरकार ने बिहार की आर्थिक विकास दर 14.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वित्त मंत्री ने कहा कि बिहार देश की विकास यात्रा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
3. सात निश्चय-3 से विकास की दिशा
सात निश्चय-3 (2025-2030) के तहत प्रति व्यक्ति आय दोगुनी करने, पांच साल में एक करोड़ रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है।
4. महिला सशक्तिकरण पर खास फोकस
1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को अब तक 10 हजार रुपये की सहायता दी गई है। आगे उनके कारोबार को बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान किया गया है।


5. गरीब परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
अनुसूचित जाति के 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने का लक्ष्य तय किया गया है, ताकि वे स्वरोजगार से जुड़ सकें।
6. निजी निवेश से रोजगार सृजन
कृषि, डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों में करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा हो सके।
7. शिक्षा और स्वास्थ्य को मजबूती
हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना है। साथ ही जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी स्तर तक अपग्रेड किया जाएगा।
8. इंफ्रास्ट्रक्चर को नई रफ्तार
पांच नए एक्सप्रेस-वे, बिजली ढांचे का विस्तार और शहरी गरीबों के लिए बहुमंजिला पक्के मकानों के निर्माण का ऐलान किया गया है।
9. बुजुर्गों के लिए घर बैठे सेवाएं
वरिष्ठ नागरिकों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी सुविधाएं देने की योजना बजट में शामिल है।
10. राजकोषीय अनुशासन पर जोर
राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये यानी करीब 2.99 प्रतिशत रखा गया है, जो तय सीमा के भीतर है। पूंजीगत खर्च को प्राथमिकता देकर इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।
कुल मिलाकर, बिहार बजट 2026 बड़े आंकड़ों और बड़े वादों के साथ सरकार की विकास सोच को सामने रखता है। अब चुनौती यही होगी कि ये घोषणाएं जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू होती हैं।


 

Tags - Bihar Bihar News Bihar।atest News Bihar News Update Bihar News in Hindi