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गोपालगंज में लगेगा लिथियम-आयन बैट्री प्लांट, खुलेंगे रोजगार के नए अवसर

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Bihar Industry:
गोपालगंज जिले के हथुआ में लिथियम-आयन बैट्री प्लांट का निर्माण किया जाएगा। करीब 87.55 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक प्लांट स्थापित होगा। प्लांट में उत्पादन कार्य वर्ष 2027 शुरु करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य इस परियोजना से क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और बिहार के औद्योगिक विकास को नई गति देना है। साथ ही प्लांट के शुरू होने के बाद बिहार में आधुनिक बैट्री निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
 
 

400 से अधिक लोगों को सीधी नौकरी
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार के अनुसार, हथुआ औद्योगिक क्षेत्र के फेज-3 में 5.06 एकड़ भूमि पर इस फैक्ट्री का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से रोजगार के क्षेत्र में बड़ा  अवसर मिलने की संभावना है। प्लांट में 400 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि परिवहन, सप्लाई, सर्विस और अन्य सहायक गतिविधियों के माध्यम से करीब 30 हजार लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में छोटे-बड़े व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा।

क्यों खास है लिथियम-आयन बैट्री?
लिथियम-आयन बैट्री आधुनिक तकनीक पर आधारित होती है और पारंपरिक लेड-एसिड बैट्री की तुलना में अधिक ऊर्जा क्षमता, तेज चार्जिंग और लंबा बैकअप के साथ ज्यादा दिनों तक चलती है। जहां सामान्य लेड-एसिड बैट्री औसतन 2 वर्ष तक चलती है, वहीं लिथियम-आयन बैट्री लगभग 5 वर्ष तक बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इस प्लांट में बनने वाली बैटरियों का उपयोग मोबाइल फोन, लैपटॉप, ऊर्जा भंडारण प्रणाली  और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित कई क्षेत्रों में किया जाएगा। राज्य में स्थानीय स्तर पर बैट्री निर्माण शुरू होने से ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। साथ ही इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को भी बढ़ावा मिलेगा।
 

रोजाना 5 हजार बैटरियों का होगा उत्पादन
सरकार का कहना है कि प्रस्तावित प्लांट में प्रतिदिन लगभग 5 हजार लिथियम-आयन बैटरियों के उत्पादन की क्षमता होगी। यहां तैयार होने वाले उत्पादों की आपूर्ति बिहार के अलावा पूर्वी एवं मध्य उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम और नेपाल तक किए जाने की योजना है।

Tags - Bihar Industry Gopalganj Lithium Ion Battery Plant