द फॉलोअप डेस्क
बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने राज्य के 14 प्रमुख मंदिरों को शामिल कर पहला हिंदू सर्किट तैयार किया है। इस सर्किट के माध्यम से राज्य में हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने वाले इन मंदिरों को एक मंच पर लाया गया है। इस पहल का उद्देश्य विदेशों में रह रहे हिंदू पर्यटकों को बिहार की ओर आकर्षित करना है। पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर हिंदू सर्किट का नया आइकॉन भी बनाया गया है। यह पर्यटन विभाग का आठवां सर्किट है, इससे पहले बौद्ध, जैन, रामायण, सूफी, गांधी, इको और सिख सर्किट बन चुके हैं।
इस हिंदू सर्किट में भागलपुर के सुल्तानगंज स्थित प्रसिद्ध बाबा अजगैवीनाथ मंदिर को भी शामिल किया गया है। अजगैवीनाथ धाम उत्तर वाहिनी गंगा के किनारे पहाड़ी पर स्थित है, जहां हर साल हिंदू धर्मावलंबी श्रावणी मेला में जलार्पण के बाद झारखंड के देवघर (बाबाधाम) तक कांवर यात्रा करते हुए गंगा जल चढ़ाते हैं।
हिंदू सर्किट में सहरसा जिले से सबसे अधिक मंदिरों को शामिल किया गया है। इसमें महिषी स्थित उग्रतारा मंदिर, मत्स्यगंधी स्थित रक्त काली मंदिर और सोनबरसा के विराटपुर में स्थित चंडी स्थान को भी जोड़ा गया है। इसके अलावा मधेपुरा का प्रसिद्ध सिंहेश्वर स्थान मंदिर भी इस सर्किट में शामिल है।
भागलपुर जिला पर्यटन अधिकारी मिथिलेश प्रसाद सिंह ने बताया कि पर्यटकों की सुविधा के लिए हिंदू सर्किट में बिहार के 14 प्रमुख मंदिरों को शामिल किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि अजगैवीनाथ मंदिर को इस सर्किट में शामिल किए जाने से भागलपुर में विदेशी पर्यटकों का आगमन बढ़ेगा, जो पर्यटन को और भी बढ़ावा देगा।