logo

BPSC परीक्षा मामला : पटना की सड़कों पर फिर गूंजे विरोध के नारे, खान सर भी छात्रों के समर्थन में उतरे

KHAN0017.jpg

पटना 

70वीं बीपीएससी संयुक्त पीटी परीक्षा को रद्द कर पुनः परीक्षा आयोजित कराने की मांग को लेकर पटना की सड़कों पर एक बार फिर छात्रों का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। छात्रों के इस आंदोलन को बल देने के लिए मशहूर शिक्षक खान सर भी मैदान में उतर आए हैं। छात्रों का समूह नारेबाजी करता हुआ अपनी मांगों को लेकर दृढ़ता से आगे बढ़ रहा है। छात्रों का यह प्रदर्शन कोई नया नहीं है। 70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर धांधली के आरोप लंबे समय से चर्चा में हैं। परीक्षा का परिणाम जारी होने के बावजूद, यह मामला हाई कोर्ट में विचाराधीन है। बावजूद इसके, छात्र संगठन लगातार परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज फिर पटना की सड़कों पर भारी संख्या में छात्र उतर आए और गर्दनीबाग धरनास्थल की ओर कूच कर रहे हैं।


खान सर ने लगाए बड़े आरोप
इससे पहले, खान सर ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों का दावा किया था। उनका कहना था कि उनके पास ऐसे ठोस प्रमाण हैं, जिनके आधार पर पटना हाई कोर्ट को री-एग्जाम का फैसला लेना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 13 दिसंबर को आयोजित परीक्षा के लिए तीन सेट तैयार किए गए थे, जिनमें से केवल एक का इस्तेमाल किया गया, जबकि बाकी दो सेट ट्रेजरी में जमा किए जाने थे। मगर नवादा और गया ट्रेजरी में ये प्रश्न पत्र जमा नहीं किए गए।
खान सर ने यह भी दावा किया कि बापू परीक्षा केंद्र में 4 जनवरी को दोबारा ली गई परीक्षा में नए प्रश्नपत्र तैयार नहीं किए गए, बल्कि पुराने बचे हुए प्रश्नपत्र ही छात्रों को सौंप दिए गए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस धांधली के पर्याप्त सबूत उनके पास हैं और हाई कोर्ट में छात्रों की जीत तय है।


छात्रों का आंदोलन और न्यायिक प्रक्रिया
13 दिसंबर को परीक्षा में धांधली के आरोपों के बाद से ही पटना में विरोध प्रदर्शन जारी है। छात्रों ने बापू परीक्षा केंद्र पर अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई थी और परीक्षा को रद्द करने की मांग की थी। इस मुद्दे को लेकर काफी हंगामा हुआ, लेकिन बीपीएससी ने री-एग्जाम कराने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद मामला हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा। वर्तमान में, पटना हाई कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जारी है। छात्रों को उम्मीद है कि अदालत से उनके पक्ष में फैसला आएगा और परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि छात्रों का संघर्ष और खान सर के दावों का असर न्यायिक प्रक्रिया पर कितना पड़ता है। क्या हाई कोर्ट री-एग्जाम का आदेश देगा या छात्रों को और लंबी लड़ाई लड़नी होगी? यह आने वाला वक्त बताएगा।

Tags - Bihar Bihar News Bihar।atest News Bihar News Update Bihar News in Hindi