जामताड़ा
जामताड़ा समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त (DC) आलोक कुमार की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई। इस बैठक में विभाग के रिक्त पदों को भरने, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने और लोक कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने को लेकर कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के रिक्त पदों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ अगले 15 से 20 दिनों के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूर्ण करें। उपायुक्त ने चेतावनी देते हुए कहा कि चयन को लेकर विभाग की गाइडलाइन पूरी तरह स्पष्ट है, इसलिए परियोजना स्तर से नियमानुसार ही अनुशंसा की जाए। गलत अनुशंसा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की शिथिलता के कारण बच्चों की शिक्षा और पोषण बाधित हो रहा है, जिसे किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जर्जर भवनों में नहीं चलेंगे आंगनबाड़ी केंद्र
उपायुक्त ने सरकारी विद्यालय परिसरों और किराए के भवनों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा की। उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी जर्जर भवन में केंद्र का संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने सभी केंद्रों में पेयजल, शौचालय, बिजली कनेक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त करने का निर्देश दिया। जिन केंद्रों में बिजली नहीं है, वहां बिजली विभाग से समन्वय कर जल्द कनेक्शन लेने को कहा गया। साथ ही, पोषण वाटिका को पूरी तरह फंक्शनल बनाने और सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को मजबूत करने का निर्देश दिया। बैठक में नव पदस्थापित महिला पर्यवेक्षिकाओं (LS) से परिचय प्राप्त करने के बाद उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सभी एलएस के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यशाला आयोजित की जाए, ताकि वे अपने कर्तव्यों को समझकर जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य कर सकें।

योजनाओं की प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
इसके अलावा पोषण ट्रैकर, टीएचआर (THR) वितरण, एसएएम (SAM) एनरोलमेंट और प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री कन्यादान योजना में कम प्रगति पर असंतोष जताते हुए इसमें तेजी लाने का निर्देश दिया गया। सरकारी कार्ड और पहचान पत्रों से जुड़ी समस्याओं को देखते हुए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने का शेड्यूल तय करने तथा केंद्रों में आने वाली महिलाओं के आयुष्मान और आभा (ABHA) कार्ड अनिवार्य रूप से बनाने के निर्देश दिए गए। प्रशासनिक निगरानी को मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने घोषणा की कि अब उप विकास आयुक्त (DDC) की अध्यक्षता में हर 15 दिनों में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा की जाएगी। वहीं, प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाले जांच कार्यक्रम में दिए गए प्रपत्र के अनुसार समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।