दिल्ली:
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy CM Tejashwi Yadav) की मुश्किलें बढ़ सकती है। IRCTC घोटाला मामले में तेजस्वी को मिली जमानत को रद्द करने के लिए CBI दिल्ली के स्पेशल कोर्ट (Delhi Special Court) पहुंच गई है। कोर्ट ने अगर CBI की ये अर्जी मंजूर कर ली तो तेजस्वी यादव को जेल जाना पड़ सकता है।

तेजस्वी को नोटिस जारी कर मांगा गया जवाब
CBI ने दिल्ली में स्पेशल कोर्ट कहा है कि तेजस्वी यादव की जमानत रद्द की जाए, क्योंकि उन्होंने जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है। CBI के आवेदन पर स्पेशल कोर्ट की जज गीतांजलि गोयल ने तेजस्वी यादव को नोटिस जारी करके मामले में जवाब मांगा है। तेजस्वी को जवाब देने के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेष न्यायाधीश गीतांजलि गोयल ने CBI की याचिका पर तेजस्वी यादव को नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा है। https://t.co/7MqK9Y7hkC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 17, 2022
7 साल तक की हो सकती है सजा
CBI तेजस्वी यादव समेत दूसरे आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 420, 120B और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। इन धाराओं में तेजस्वी यादव के लिए काफी मुश्किल खड़ी हो सकती है। कोर्ट में इस मामले के ट्रायल के दौरान पर्याप्त सबूत और गवाह सामने आते हैं तो तेजस्वी यादव को 7 साल तक की सजा हो सकती है।

दो साल पहले मिली थी जमानत
IRCTC टेंडर घोटाले में भी RJD सुप्रीमो लालू यादव फंसे हुए हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए एक निजी कंपनी को अवैध तरीके से भुवनेश्वर और रांची में दो होटलों को चलाने का ठेका दिया। इसके एवज में उन्हें पटना के सगुना मोड़ इलाके में इस कंपनी ने 3 एकड़ जमीन मुहैया कराई थी। इस मामले में CBI ने लालू यादव, राबड़ी देवी और उनके बेटे तेजस्वी यादव के खिलाफ FIR दर्ज की थी। सभी को दो साल पहले इस मामले में जमानत मिल गई थी।