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जामताड़ा में बदला मौसम का मिजाज, कृषि पदाधिकारी ने खुद खेत में उतरकर किसानों संग की धान रोपनी

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जामताड़ा
जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। लंबे इंतजार के बाद मौसम के मेहरबान होने से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में धान की रोपनी के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। चालू खरीफ सीजन में 52,000 हेक्टेयर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए किसान और प्रशासन दोनों मुस्तैद हैं। आज मंगलवार को सोनवाद गांव में उस वक्त एक अनोखा नजारा देखने को मिला, जब जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक इकबाल हुसैन ने खुद खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपनी की।\अधिकारियों ने खेतों में किसानों संग बटाया हाथ
​दरअसल, आज क्षेत्र भ्रमण पर निकले जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (BTM) इकबाल हुसैन ने जब किसानों को खेतों में काम करते देखा, तो वे खुद को रोक नहीं पाए। दोनों अधिकारी पैंट ऊपर चढ़ाकर सीधे कीचड़ भरे खेतों में उतर गए। उन्होंने न सिर्फ किसानों के साथ मिलकर धान की रोपनी की, बल्कि उनका उत्साह भी बढ़ाया। अधिकारियों को अपने बीच इस तरह काम करते देख ग्रामीण किसान बेहद खुश और उत्साहित नजर आए। जामताड़ा में 52,000 हेक्टेयर में धान का लक्ष्य
​इस दौरान कृषि पदाधिकारी ने किसानों से सीधा संवाद किया और उन्हें खेती की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को सुरक्षित तरीके से बिचड़ा उखाड़ने के गुर सिखाए। साथ ही, फसलों को बीमारियों से बचाने के लिए बिचड़े के सही उपचार की विधि भी बताई, ताकि पैदावार बेहतर हो सके। जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने बताया कि इस खरीफ सीजन में जामताड़ा जिले में कुल 52,000 हेक्टेयर भूमि पर धान लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम का मिजाज ऐसा ही रहा तो लक्ष्य को समय पर पूरा कर लिया जाएगा। वर्तमान में जिले में लगभग 10% धान की रोपनी पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में इसमें और तेजी आएगी।

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