राजगीर
राजगीर की ऐतिहासिक धरती रविवार को 'बहुजन भीम संकल्प समागम' के रूप में एक बड़े राजनीतिक आयोजन की साक्षी बनी, जब केंद्रीय मंत्री व लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने भारी जनसैलाब के बीच जोरदार भाषण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे आगामी विधानसभा चुनाव बिहार की खातिर लड़ेंगे, चाहे उनके रास्ते में कोई भी रोड़े अटकाए।
चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में आयोजित इस रैली में विपक्षी INDIA गठबंधन पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा, “लोकसभा चुनाव में ये अफवाह फैलाई गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीसरी बार आए तो संविधान खतरे में पड़ जाएगा। लेकिन जनता ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे विपक्ष के "भ्रामक नैरेटिव" से सावधान रहें। उनके मुताबिक, जो लोग बहुजन समाज के नाम पर राजनीति करते हैं, वे असल में संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ काम कर रहे हैं।
रैली में चिराग के भाषण के दौरान बार-बार "जय भीम", "भारत माता की जय" और "बिहार पहला" जैसे नारे गूंजते रहे। मंच से उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी अब सिर्फ सहयोगी भूमिका में नहीं, बल्कि निर्णायक शक्ति बनने को तैयार है।
भीम संकल्प का मंच और राजनीति का इशारा
'बहुजन भीम संकल्प समागम' को जहां सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों की आवाज़ बताया गया, वहीं इसे 2025 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाली रणनीतिक सभा के रूप में भी देखा जा रहा है। चिराग पासवान के इस तेवर को उनके समर्थकों ने “बिहार की नई राजनीति का शंखनाद” बताया।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या चिराग पासवान एनडीए के भीतर रहते हुए विधानसभा चुनाव में अपने लिए बड़ी भूमिका सुनिश्चित कर पाएंगे या कोई अलग राह चुनेंगे।
