द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले JDU के सबसे बड़े स्टार प्रचारक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार काफी सक्रिय हो गए हैं। वे एक दिन में चार सभाएं कर रहे हैं और मंच से लोगों से इंटरैक्टिव अंदाज में बात कर रहे हैं। अपने हालिया संबोधन में उन्होंने अपने चुनावी अभियान को सकारात्मकता पर केंद्रित किया है। उन्होंने अपनी सरकार के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और रोजगार सृजन पर जोर दिया। विपक्ष की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि उनसे पहले सरकारों ने बिहार के लोगों के लिए कोई ठोस काम नहीं किया।
नीतीश कुमार ने पिछले 20 वर्षों में बिहार में आधारभूत संरचना के क्षेत्र में हुए कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने फोर लेन सड़कों, पुलों और एलिवेटेड कॉरिडोर की उपलब्धियों के साथ-साथ बिजली के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी जिक्र किया। इसके अलावा, उन्होंने सात निश्चय योजनाओं के तहत किए गए कामों जैसे हर घर नल जल और गली-नाली योजना पर भी प्रकाश डाला।
सरकारी नौकरी और रोजगार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने अपने वादों को पूरा करने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जितनी संख्या में रोजगार व सरकारी नौकरियों का वादा किया था, उससे कहीं अधिक उपलब्ध कराए हैं और आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है। युवाओं के लिए की गई पहल और विभिन्न जिलों में हुए विकास कार्यों का भी उन्होंने अपने संबोधन में उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने जीविका कार्यक्रम की भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि विश्व बैंक से ऋण लेकर जीविका समूह को मजबूत किया गया है और इसके तहत महिलाओं को रोजगार एवं राजनीतिक अधिकार दिए गए हैं। महिला रोजगार योजना और महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में किए गए प्रयासों को भी उन्होंने अपने चुनावी भाषण का हिस्सा बनाया। इस प्रकार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी चुनावी सभाओं में विकास और रोजगार के मुद्दों को प्रमुखता देते हुए बिहार के समग्र विकास का संदेश जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है।
