द फॉलोअप डेस्क
निर्वाचन आयोग के द्वारा बिहार में वोटरलिस्ट वेरिफिकेशन कराए जाने को लेकर काफी गहमा गहमी बनी हुई है। इसी बीच एक बड़ा मामला जमुई जिले के सोनो प्रखंड से सामने आई है। जहां एक मतदान केंद्र के कुछ मतदाताओं के गणना प्रपत्र पर देवघर के एक दुकानदार द्वारा ग्राहकों को जलेबी परोसने का एक वीडियो और फोटो जमकर वायरल हो रहा है। घटना के बाद लोगों में परेशानी बनी हुई है कि आखिर मामले का सच क्या है। इस मामले को लेकर जमुई जिला प्रशासन ने जांच करायी है। जहां जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी से जांच कराई। जांच में यह मालूम हुआ कि मतदान केंद्र संख्या 20 में कुल 1181 मतदाता हैं, जिसमें 1134 मतदाताओं के गणना प्रपत्र बीएलओ द्वारा एप्प के माध्यम से अपलोड कर दिए गये हैं। वहीं 2 लोगों ने ऑनलाइन गणना प्रपत्र भरा है। बाकी बचे 45 मतदाताओं में से 33 मतदाता मृत, 10 मतदाता दोहरी मतदाता वाले और 12 मतदाताओं का अस्थायी रूप से स्थानांतरण कर दिया गया हैं। और इन्हें BLO ने पंजीकृत पुस्तिका में मार्क कर दिया है। जिसका विवरण BLO के पास उपलब्ध है। और इसलिए इस खबर को पूरी तरह से निराधार बता दिया गया है। 
जांच में पता चला कि झारखंड के देवघर में एक दुकानदार ने चकाई विधानसभा क्षेत्र के मतदाता गणना प्रपत्र को लगभग तीन-चार किलो दस्तावेजों को रद्दी के भाव में खरीदा था। और दुकानदार को यह जानकारी नहीं थी कि यह सरकारी दस्तावेज है इसलिए वह रद्दी समझकर ग्राहकों के लिए जलेबी परोस रहा था। मिली जानकरी के अनुसार चकाई प्रखंड का एक व्यक्ति देवघर स्थित वी-मार्ट के समीप दूकान पर जलेबी खाने गया था। जिस कागज पर जलेबी परोसी गई थी वह चकाई क्षेत्र के BLO को दिया गया मतदाता सूची का दस्तावेज था। पूछताछ में ये बात व्यक्ति को पता चली कि दुकानदार को 2 दिन पहले किसी ने यह फॉर्म लाकर दिया था और वह इसे रद्दी समझकर उपयोग कर रहा था। लेकिन जैसे ही उसे ये बात पता चली वह उस फॉर्म को छुपाने की कोशिश करने लगा। 
अब सवाल ये उठाये जा रहे हैं कि सोनो प्रखंड से इतनी दूर देवघर के जलेबी की दूकान तक यह फॉर्म कैसे पहुंचे। वहीं मामला उस क्षेत्र में फैलने के बाद सोनो प्रखंड के लोग भी अचानक आक्रोशित हो गये। वो भी इस बात को लेकर कि कहीं दस्तावेजों के नाम पर ठगा तो नही जा रहा।