द फॉलोअप डेस्क
भले ही लोकसभा चुनाव 2024 (Lok Sabha Elections2024) में अभी एक साल बचा हो। लेकिन पीएम मोदी की विजयीरथ को रोकने के लिए विपक्षी दल अभी से अभी से ही तैयारी शुरू कर ली है। जानकारी के अनुसार बिहार में महागठबंधन सरकार की रैली इसी माह से शुरू होने जा रही है। 25 फरवरी को महागठबंधन की चुनावी रैली पूर्णिया से शुरू होने जा रही है। इसके लिए तैयारियां जोरो-शोरों से चल रही है। महागठबंधन के बड़े नेता इस रैली की तैयारी में दिन-रात जुटे हुए हैं। बड़े नेता खुद जाकर लोगों को रैली में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं। दरअसल नेताओं को यह पता है कि यह सिर्फ एक रैली नहीं है, बल्कि लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह महागठबंधन के लिए एक तरह से अपनी ताकत दिखाने का बड़ा मौका है। यह रैली महागठबंधन की एकता और शक्ति प्रदर्शन के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पूर्णिया का रण ही क्यों चुना
महागठबंधन 2024 में भाजपा को टक्कर देने के लिए पूरी तैयारी कर रही है।ऐसे में बीजेपी को टक्कर देने के लिए महागठबंधन की एकता और रणनीति बेहद जरूरी है। अब आपको बताते हैं कि महागठबंधन की रैली की शुरूआत के लिए पूर्णिया का रण ही क्यों चुना। बता दें कि सीमांचल महागठबंधन का गढ़ है। लोकसभा चुनाव 2019 में देखे तो 4 में से 3 सीट महागठबंधन के खाते में गई थी। महागठबंधन ने उसी मैदान को चुना है जहां से भाजपा ने हुकांर भरी थी। जानकारी हो कि गृहमंत्री अमित शाह का भजपा-जदयू के अलग होने का बाद से लगातार बिहार का दौरा कर रहे हैं। सबसे दिलचस्प यह है कि उसी दिन अमित शाह भी बिहार में रहेंगे।
अमित शाह भी बिहार में रहेंगे
25 फरवरी को गृह मंत्री अमित शाह भी बिहार दौरे पर रहेंगे। गृह मंत्री नंदनगढ़ के बाद पटना में आयोजित स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह सह किसान, मजदूर समागम में हिस्सा लेंगे। साथ ही लौरिया के साहूजन मैदान में संबोधन करने के बाद वे नंदनगढ़ जाएंगे। नंदन गढ़ में वे बौद्ध स्तूप का दर्शन करेंगे। यही पर राजकुमार सिद्धार्थ (महात्मा बुद्ध) अपने राजसी वस्त्रों को त्यागकर ज्ञान की खोज में निकले थे।

नीतीश ने कहा भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट कर रह जाएगी
बता दें कि पटना में शनिवार को CPI-ML के अधिवेशन में नीतीश ने कहा था- अब कांग्रेस को निर्णय लेना होगा कि 2024 में क्या रणनीति होनी चाहिए और विपक्षी एकता को किस तरह से मजबूत करना चाहिए। यदि कांग्रेस इस बात पर तैयार हो जाए तो 2024 में भाजपा 100 सीटों के अंदर सिमट कर रह जाएगी। नीतीश की सलाह पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया था। उन्होंने कहा- नीतीश कुमार जी जो आप सोचते हैं, वो कांग्रेस भी सोचती है। बस बात इतनी सी है कि पहले आई लव यू कौन कहेगा।
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