पटना:
राजद नेता सुधाकर सिंह (Sudhakar Singh) पर सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish kumar) और पार्टी को खिलाफ भारी पड़ गया है। पार्टी ने ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है। पार्टी ने यह नोटिस 17 जनवरी को देर रात भेजा है। इस नोटिस में कहा गया है कि आपके बयान से पार्टी को आहत हुई है। आपने पार्टी की मर्यादा का उल्लंघन किया है। सुधाकर ने कहा है कि वह 15 दिनों के अंदर पार्टी के इस नोटिस का जवाब दाखिल करेंगे।

जानें क्या है नोटिस
पार्टी की ओर से जारी नोटिस में लिखा गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार आपको यह कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है। उनके संज्ञान में आया है कि एक बार पुनः आपने गठबंधन धर्म की मर्यादा का उल्लंघन किया। राजद के राष्ट्रीय अधिवेशन में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि गठबंधन के मसलों और शामिल दलों के शीर्ष नेतृत्व के संदर्भ में सिर्फ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अथवा उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ही बात रखने के लिए अधिकृत हैं। आपने लगातार इस प्रस्ताव का उल्लंघन किया है। आपके बयान लगातार उन ताकतों को बल देते हैं जो संविधान को रौंदकर न्याय, सौहार्द और समानता की पैरोकारी को समाप्त करना चाहते हैं। आपके आपत्तिजनक बयान देश-प्रदेश और राजद के एक बड़े वर्ग को आहत कर रहे हैं। राष्ट्रीय जनता दल के संविधान की धारा-33 के नियम-22 के तहत आप कृपया 15 दिनों के अंदर यह स्पष्टीकरण दें कि क्यों नहीं आपके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

कोई अपने निजी हित के लिए गठबंधन धर्म पर सवाल नहीं उठा सकता
सुधाकर सिंह के खिलाफ नोटिस जारी होने को लेकर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि आरजेडी ने अपने नियमों के मुताबिक उन्हें नोटिस किया है। तो जाहिर सी बात है उस पार्टी ने स्वीकार किया है कि उन्होंने गठबंधन धर्म को तोड़ा है। यह एक सकारात्मक लक्षण है। कोई अपने निजी हित को लेकर गठबंधन धर्म पर सवाल उठाए यह उचित नहीं था

तेजस्वी ने कई बार चेताया
बता दें कि सुधाकर सिंह लगातार नीतीश कुमार के खिलाफ बोल रहे थे। उन्होंने नीतीश कुमार को शिखांडी बताया था। महागठबंधन की सरकार पर वह लगातार निशाना साधते आ रहे थे। खुद तेजस्वी भी उन्हें कई बार चेता चुके थे, लेकिन मुख्यमंत्री को लेकर उनकी बयानबाजी जारी थी। इस बारे में तेजस्वी ने कहा था कि लालू प्रसाद तक सुधाकर सिंह के बारे में बात पहुंचा दी गई है। ऐसा उन्होंने इसलिए कहा था कि विधायकों पर कार्रवाई करने का अधिकार राष्ट्रीय अध्यक्ष को ही है। इसके बाद उनकी पार्टी ने उन्हें ये नोटिस जारी किया है।