द फॉलोअप डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव के चुनाव प्रचार के बीच प्रधानमंत्री मोदी आज बिहार के आरा पहुंचे हैं, जहां उन्होंने राजद पर हमला करते हुए कहा कि जंगलराज वाले इस बार हार का नया रिकॉर्ड बनाएंगे। उन्होंने महागठबंधन के जारी घोषणा पत्र पर तंज कसते हुए कहा कि एनडीए गठबंधन का घोषणा पत्र एक ईमानदार घोषणा है और दूसरी ओर, महागठबंधन का घोषणापत्र झूठ का पुलिंदा है महागठबंधन ने छल-कपट का, लोगों के आँखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज बना दिया। ये पब्लिक है सब जानती है। वो दिन दूर नहीं जब बिहार टैग, टेक्सटाइल और टूरिज्म का बड़ा सेंटर बनेगा।"
उन्होंने आगे कहा यहां बड़ी कंपनियों के डाटा सेंटर बनेंगे, एनडीए के संकल्प पत्र में गाँव की समृद्धि के लिए सशक्त योजना बनाई गई है। एक समय था जब बिहार दुसरे राज्य से मछली मंगवाता था, लेकिन एक समय अब जहां बिहार खुद अब दूसरे राज्य को मछली बेचता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस और राजद पर तंज कसते हुए कहा, "नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले बिहार में एक दिन पहले बंद कमरे में गुंडा गर्दी का खेल खेला गया था। कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सीएम पद पर राजद के नेता का नाम तय हो लेकिन राजद ने भी मौका छोड़ा नहीं। राजद ने भी कान-कनपट्टी पर कट्टा रखकर सीएम पद चोरी कर लिया, घोषणा करवा कर रहे। फिर जबरदस्ती कांग्रेस से समर्थन करवाई गई कट्टा रखकर के।" .jpg)
उन्होंने आगे कहा "राजद और कांग्रेस के बीच भारी टकराव है। घोषणा पत्र में कांग्रेस की मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया। चुनाव से पहले उनके बीच इतनी घृणा फ़ैल गई कि चुनाव के बाद वे एक-दूसरे के खिलाफ हो जाएंगे। उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "अगर राजद बिहार में 'जंगल राज' और तुष्टिकरण की राजनीति लेकर आया, तो कांग्रेस की पहचान सिखों के नरसंहार से जुड़ी है। यह 1 और 2 नवंबर 1984 की बात है। आज भी 2 नवंबर है। कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने 1 और 2 नवंबर 1984 को दिल्ली और देश के कई अन्य हिस्सों में सिख नरसंहार को अंजाम दिया। आज भी कांग्रेस सिख नरसंहार के दोषियों को पूरे सम्मान के साथ अपनी पार्टी में नए पद दे रही है। उन्हें बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस हो या राजद, उन्हें अपने पापों का कोई पछतावा नहीं है।"