डेस्क:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पर एक बार हमले की साजिश की जा रही है। इस बात का खुलासा ED ने किया है। 12 जुलाई को प्रधानमंत्री की रैली में हमले की साजिश की गई थी, जिसके फंडिंग में शफीक पायथे (Shafiq Pythe in funding) भी शामिल थे। बता दें कि PFI के 15 राज्यों के 93 ठिकानों पर 22 सितंबर को NIA-ED ने ऑपरेशन ऑक्टोपस के तहत छापेमारी की थी। गौरतलब है कि बिहार में भी PFI पर जांच एजेंसियों के द्वारा बड़ी कार्रवाई की गयी है। इसमें 100 से भी ज्यादा लोगों को अभी तक गिरफ्तार किया जा चुका है।

प्रधानमंत्री पर अटैक की साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार PFI वालों ने 12 जुलाई को प्रधानमंत्री के पटना आगमन पर उनपर अटैक की साजिश रची थी। इसके लिए PFI खतरनाक हथियार और विस्फोटक भी जमा करने की कोशिश में लगा हुआ था। हालांकि, जुलाई में ही संगठन पर बड़ी कार्रवाई हो गयी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जांच एजेंसी ने कहा संगठन ने उन पर हमला करने के लिए एक प्रशिक्षण शिविर का भी आयोजन किया था, जिससे 2013 जैसी घटना को अंजाम दिया जा सके। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2013 में पटना गांधी मैदान में तत्कालीन भाजपा के स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी की रैली में सिलसिलेवार बम ब्लास्ट हुए थे।

देशभर में PFI के खिलाफ कार्रवाई
PFI के आतंकी संगठन के खिलाफ पूरे देश में कार्रवाई की गयी है। इसके बाद ईडी के द्वारा खुलासा किया गया है। पिछले गुरुवार 13 सितंबर को NIA ने टेरर फंडिंग को लेकर उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक सहित 13 राज्यों में छापेमारी की थी, जिनके साथ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की भी एक टीम मौजूद थी। बताया जा रहा है कि देशभर में आंतकी संगठन से जुड़े करीब 500 लोगों की गिरफ्तारी की गयी है। गौरतलब है कि इससे पहले भी 2013 में पीएम मोदी की रैली में पटना के गांधी मैदान में हमला हुआ था।