द फॉलोअप डेस्क
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां लगातार जनसभाएं आयोजित कर रही हैं। इसी बीच जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपने समर्थकों के साथ बिहार विधानसभा का घेराव किया था। जिसके बाद वहां पहुंची पुलिस ने प्रशांत किशोर और उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज कर दी। दरअसल सुरक्षा के लिए पुलिस के द्वारा पहले से ही बैरिकेडिंग लगाया गया था जिसे तोड़कर जन सुराज के समर्थक आगे बढ़ने लगे। लेकिन विधानसभा का मानसून सत्र चलने के कारण नेताओं को शहर के सरदार पटेल गोलंबर पर रोक दिया गया। उसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए उनपर लाठियां चला दी। जिससे एक समर्थक घायल हो गया। 
पुलिस के इस कार्रवाई के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि "हमलोग शांतिपूर्वक जाकर सीएम को ज्ञापन देना चाहते हैं। पिछले 2 वर्ष में 94 लाख परिवार को दो-दो लाख रुपये देने का वादा किया था। आज तक एक भी परिवार को एक रुपया तक नहीं मिला। प्रशांत किशोर ने कहा कि ज्ञापन में एक करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किया है, जिसे हम सरकार को देना चाहते हैं"। 
वहीं प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि "हमलोगों को मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया जा रहा है। जब कोई प्रतिनिधि आकर नहीं मिलता है तब तक हमलोग यहीं बैठे रहेंगे। अभी तो जंग की शुरुआत है। अभी तीन महीना बाकी है। इनका जीना हराम कर देंगे। इन्हें पता नहीं है कि बिहार की जनता बदलाव चाहती है"। 
प्रशांत किशोर ने अपने समर्थकों पर चले पुलिस के द्वारा लाठीचार्ज को लेकर कहा "जवाब तो ऐसा देंगे कि पूरा बिहार देखेगा। आप देखते जाइये, नीतीश कुमार को उनके घर में नहीं घेर लिए तो दो देख लेना। ये पुलिस प्रशासन कुछ नहीं कर सकता है। एक लाख लोगों को लेकर पहुंचेंगे"।