logo

बिहार में जमीन की दाखिल ख़ारिज के लिए लॉन्च हुआ पोर्टल, भूमि अतिक्रमण से बचा जा सकेगा

ll5.jpg

द फॉलोअप डेस्क
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार ने आज डिजिटल भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक और डिजिटल बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिसमें एकीकृत भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली (ILRMS) स्थानिक दाखिल–खारिज (Spatial Mutation) पोर्टल लॉन्च किया गया। इस सुविधा से भूमि की खरीद-बिक्री और विरासत के मामलों राजस्व मानचित्रों का रिकॉर्ड स्वचालित रूप से अपडेट रखा जा सकेगा। इस पोर्टल का उद्घाटन आज पटना के सर्वे भवन में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने किया। इस पोर्टल के लागू होने से रैयत अब एक ही जमीन का दोबारा दाखिल ख़ारिज के लिए आवेदन नही करा सकेंगे। 
उन्होंने इस दौरान कहा कि "डिजिटाइजेशन विभाग का महत्वपूर्ण कार्य है। झोला युग को समाप्त कर लैपटॉप युग की शुरुआत हो गई है। विशेष सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण होते ही स्थानिक दाखिल–खारिज का लाभ सभी को मिलने लगेगा। त्वरित न्याय और त्वरित काम मुख्य उद्देश्य है। इस हाई तकनीक प्रणाली पर काम करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बन चुका है। इस एकीकृत प्रणाली के जरिये अब आम लोगों को बहुत लाभ मिलेगा और भूमि विवाद का समापन होगा।"
वहीं मंत्री ने आगे कहा कि "बैग का युग समाप्त हो गया है, लैपटॉप का युग शुरू हो गया है। इससे विवादों का अंत होने के साथ-साथ त्वरित न्याय और त्वरित कार्य सुनिश्चित होगा।"

इस पोर्टल के जरिये, खरीद, बिक्री या उत्तराधिकार से पहले वास्तविक भूमि मानचित्र तैयार किए जाएंगे, जिससे हस्तांतरित किए जाने वाले सही हिस्से के बारे में पता चल सकेगा। इस पोर्टल के जरिये खसरा के विभाजन की स्थिति में, सिस्टम स्वचालित रूप से नए खसरा नंबर तैयार कर देगा। वहीं रैयतों को उनकी भूमि से जुड़ी खाता संख्या प्राप्त होगी, जिससे सरकारी भूमि को अतिक्रमण करने से बचाया जा सकेगा। यह प्रणाली IIT रुड़की के मेक इन इंडिया भौगोलिक सूचना प्रणाली के समाधान से जुड़ा है। वर्तमान में यह प्रणाली तीन जिलों के 80 से अधिक गाँवों में परिक्षण के तौर पर शुरू किया जा रहा है। इसके फीडबैक के बाद सुधार कर इसे राज्य स्तर पर लागू कर दिया जायेगा। 

Tags - bihar news bihar latest news bihar update bihar khabar bihar trending news land mutation land mutation in Bihar Portal launched for land mutation