द फॉलोअप डेस्क:
बिहार और झारखंड राज्य को जल्द ही वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात मिल सकती है। जल्द ही तीन नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा। इनका परिचालन पटना से रांची, पटना से हावड़ा और वाराणसी से गया-धनबाद होते हुए हावड़ा के लिए किया जायगा। बिहार को यह भेंट 1 फरवरी को आये रेल बजट में मिली है। नई वंदे भारत एक्सप्रेस महज 4 घंटे में पटना से रांची पहुंचेगी। इसे पटना-इस्लामपुर होते हुए रांची के लिए बनी नई लाइन से चलाने की योजना है। इस लाइन से पटना से रांची की दूरी लगभग 50 किलोमीटर कम हो जाएगी। फ़िलहाल इस यात्रा में 8 घंटे का समय लगता है। ट्रेनों का परिचालन कभी भी शुरू किया जा सकता है अप्रैल के बाद शुरू होने की संभावना है। इनमे से कुछ रूटों पर सुरक्षा प्रणाली जैसे की कवच और ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम का कार्य पूरा हो चुका है। ऐसे रूटों पर वंदे भारत 160 किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से दौड़ेगी।
पुराने रूट पर हीं चलेगी जनशताब्दी
बता दें की गया रूट में कार्य पूरा कर लिया गया है। इस साल पंडित दीनदयाल उपाध्याय से झाझा स्टेशन तक कवच सिस्टम लगाने काम भी पूरा कर लिया जाएगा। कुछ जगहों पर अभी तक कवच और ऑटोमैटिक ब्लाक सिग्नल सिस्टम की सेवा अभी नहीं है। इन रूटों पर वंदे भारत की स्पीड 130 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। फ़िलहाल पटना से रांची आने वाली जनशताब्दी को पुराने रूट से ही चलाया जाएगा।

नई रूटों पर लाइन के निर्माण को हरी झंडी
बजट में कई नई रूटों के निर्माण को सहमति मिली है। इनमे पटना से रांची के बीच सीधी रेल लाइन के लिए कोडरमा से रांची के लिए नई रेल लाइन और दानापुर बोधगया व चतरा तक नई रेल लाइन शामिल हैं। इसके अलावा वजीरगंज-नटेसर-गया वाया गहलौर रेललाइन के सर्वे का काम शुरू किया गया है। कोडरमा तिलैया रेल परियोजना को भी 275 करोड़ मिली हैं। वहीं नए बजट में गंगा में बन रहे महासेतु के लिए पांच सौ करोड़ आवंटित हुए हैं।