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लालू की ‘छोटी आकांक्षा’ और तेजस्वी के सपनों पर शिवानंद तिवारी का बड़ा प्रहार, बताया कैसे 25 सीटों पर सिमट गयी पार्टी

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पटना 
पटना में आरजेडी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लालू यादव, तेजस्वी यादव और आरजेडी की मौजूदा स्थिति को लेकर तीखी टिप्पणी की है। तिवारी ने अपने पुराने राजनीतिक दौर को याद करते हुए लिखा कि बिहार आंदोलन के दौरान वे और लालू यादव फुलवारी शरीफ़ जेल की एक ही कोठरी में बंद थे। उस समय लालू आंदोलन का बड़ा चेहरा थे, लेकिन उनकी आकांक्षा “छोटी” थी। तिवारी के अनुसार, जेल में एक रात लालू यादव ने उनसे कहा था— “बाबा, मैं राम लखन सिंह यादव जैसा नेता बनना चाहता हूँ।” तिवारी ने तंज करते हुए लिखा कि ऊपरवाले ने शायद उनकी यह इच्छा पूरी कर दी, क्योंकि आज पूरे परिवार ने पूरी ताकत लगाई, फिर भी पार्टी सिर्फ़ 25 सीटों पर सिमट गई।


अपने बयान में शिवानंद तिवारी ने यह भी सवाल उठाया कि वे खुद आरजेडी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहे, फिर आज ऐसी आलोचना क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अतीत की बात है, क्योंकि तेजस्वी यादव ने उन्हें उपाध्यक्ष पद से हटाया, यहां तक कि पार्टी की कार्यकारिणी से भी बाहर कर दिया।
तिवारी ने आरोप लगाया कि उन्हें सिर्फ इसलिए दरकिनार किया गया क्योंकि वे मतदाता सूची के सघन पुनरीक्षण का विरोध कर रहे थे और राहुल गांधी के साथ सड़कों पर उतरने व संघर्ष करने की वकालत कर रहे थे। उनका कहना है कि तेजस्वी उस समय “मुख्यमंत्री बनने के सपने में खोए हुए थे” और उनके सपनों को झकझोरना उन्हें पसंद नहीं था। तिवारी ने पोस्ट के अंत में लिखा— “अब मैं मुक्त हूँ… फुरसत पा चुका हूँ… अब कहानियाँ सुनाता रहूँगा।”


 

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