द फॉलोअप डेस्क
पटना के गाँधी मैदान थाना प्रभारी राजेश कुमार को गोपाल खेमका मर्डर केस की लापरवाही के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा की सिफारिश पर पटना पुलिस महानिरीक्षक जितेन्द्र राणा ने थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई पटना में विधि-व्यवस्था को नियंत्रित न कर पाने पर और हत्या के मामले में उनकी लापरवाही के कारण हुई है। SSP कार्तिकेय शर्मा ने अपने द्वारा जांच के दौरान कई बिन्दुओं पर थाना प्रभारी को लापरवाह पाने के बाद यह यह कदम उठाया है। 
जानकारी के लिए बता दें कि गोपाल खेमका मगध हॉस्पिटल के मालिक और BJP से जुड़े व्यवसायी थे। उनकी गाँधी मैदान थाना क्षेत्र के रामगुलाम चौक के पास घर के बाहर रात करीब 11:40 बजे एक बाइक सवार के द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद गोपाल खेमका के भाई ने आरोप लगाया था कि पुलिस घटनास्थल पर 2:30 बजे सुबह तक पहुंची ही नहीं थी। इस मर्डर केस के बाद बिहार के कानून व्यवस्था पर कई सवाल भी उठे थे। वहीं विपक्षी दलों के द्वारा इसे अपराध की राजधानी कहकर नीतीश कुमार की आलोचना भी की जा रही थी।
SSP कार्तिकेय शर्मा ने जांच के दौरान पाया था कि थाना प्रभारी के द्वारा हत्याकांड की प्रारम्भिक जांच में लापरवाही बरती गई। वहीं अन्य आपराधिक मामलों को नियंत्रित कर पाने में भी थाना प्रभारी को लापरवाह पाया गया। जिसके बाद पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए राजेश कुमार को निलम्बित कर दिया गया।