पटना
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों प्रशासनिक सख्ती और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में हाईटेक 80 फायर ब्रिगेड वाहनों को हरी झंडी दिखाने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में स्पष्ट संदेश दिया कि बिहार में अपराध के खिलाफ पुलिस को पूरी आजादी दी गई है और लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पिछले कुछ दिनों में बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है। रविवार देर रात सीवान में एक अपराधी को मुठभेड़ में गोली लगी, इसके बाद सोमवार सुबह पटना में एक और एनकाउंटर हुआ। इसमें शिक्षक पर फायरिंग के मामले में वांछित अपराधी गोली लगने की सूचना है।

प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय
लगातार हो रही इन कार्रवाई को बिहार सरकार की कड़े रुख के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार सुशासन वाला राज्य है और किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि पुलिस को पूरी छूट दी गई है ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय की जा रही है।

सरकारी कामकाज में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सम्राट चौधरी ने सरकारी कामकाज में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में नोटिस भेजे जाएंगे। पहला 10 दिन बाद, दूसरा 20 दिन बाद और तीसरा 25 दिन बाद। यदि इसके बावजूद काम में सुधार नहीं होता है, तो मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, पहले भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि “सहयोग पोर्टल” पर दर्ज शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाएगा। समयसीमा का पालन न करने पर अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई, निलंबन और जरूरत पड़ने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई की जा सकती है। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर की जा रही है।